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50 Doppler Radar से 87% कवरेज, मौसम पूर्वानुमान हुआ ज्यादा सटीक

भारत ने मौसम निगरानी के क्षेत्र में बड़ी प्रगति करते हुए Doppler Radar रडार (DWR) नेटवर्क को 14 से बढ़ाकर 50 तक पहुंचा दिया है। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh के अनुसार, यह 250% से अधिक की वृद्धि है, जिससे देश के मौसम पूर्वानुमान सिस्टम में बड़ा सुधार आया है।

87% हिस्से की हो रही निगरानी

इस विस्तार के बाद अब देश के करीब 87% क्षेत्र को कवर किया जा रहा है। India Meteorological Department (IMD) के इस मजबूत नेटवर्क के चलते चक्रवात, भारी बारिश और आंधी-तूफान जैसी घटनाओं की भविष्यवाणी पहले से कहीं अधिक सटीक हो गई है।

मिशन ‘मौसम’ के तहत और विस्तार की योजना

सरकार ‘मिशन मौसम’ के तहत आने वाले समय में 50 और डॉप्लर रडार लगाने की योजना बना रही है। इससे न केवल कवरेज बढ़ेगा, बल्कि मौसम से जुड़ी चेतावनियां और अधिक समय पर और सटीक मिल सकेंगी।

मोबाइल पर आसान हुई मौसम जानकारी

बेहतर तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण अब लोग घर से निकलने से पहले मोबाइल पर मौसम की जानकारी देखना आम बात हो गई है। इससे IMD की सेवाओं पर जनता का भरोसा भी बढ़ा है।

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बारिश की बूंदों तक का अनुमान संभव

नई तकनीक की मदद से अब मौसम विभाग बारिश की तीव्रता, प्रकार, ओलावृष्टि की संभावना और यहां तक कि बारिश की बूंदों के आकार का भी अनुमान लगा सकता है। यह कृषि, आपदा प्रबंधन और आम जनजीवन के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।

पड़ोसी देशों को भी मिल रहा लाभ

भारत की बेहतर मौसम पूर्वानुमान क्षमता का फायदा पड़ोसी देशों को भी मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती मिल रही है। यह पहल दक्षिण एशिया में मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने में भी मददगार साबित हो रही है।

जलवायु सेवाओं को मिल रही मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से न सिर्फ पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि जलवायु सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता भी मजबूत होगी। आने वाले समय में यह पहल आपदा प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

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