हरिद्वार। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दिलचस्प वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बंदर को इंसानों की तरह व्लॉग बनाते हुए दिखाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो Haridwar का है और इसे अब तक 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक बार देखा जा चुका है, जबकि करीब 8 लाख लोगों ने इसे लाइक भी किया है। वीडियो ने लोगों के बीच उत्सुकता और हैरानी दोनों पैदा कर दी है।
वायरल वीडियो में क्या है?
वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बंदर को कैमरा पकड़े हुए और अलग-अलग एंगल से शूटिंग करते हुए दिखाया गया है। ऐसा प्रतीत होता है मानो वह खुद ही व्लॉग बना रहा हो। वीडियो में बंदर कभी कैमरे को घुमाता है, कभी खुद को रिकॉर्ड करता है और आसपास के दृश्यों को भी कैद करता नजर आता है। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है और तेजी से शेयर किया जा रहा है।
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क्या है वीडियो का सच?
हालांकि, जब इस वीडियो की गहराई से जांच की गई तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई। यह वीडियो पूरी तरह वास्तविक नहीं है, बल्कि इसमें एडिटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, बंदर द्वारा कैमरा संभालना और इस तरह से व्लॉग शूट करना स्वाभाविक व्यवहार नहीं है।
वीडियो के फ्रेम्स को ध्यान से देखने पर कई असामान्य चीजें सामने आती हैं—जैसे कैमरे की मूवमेंट का अत्यधिक स्मूद होना, एंगल्स का प्रोफेशनल तरीके से बदलना और बंदर की हरकतों का अस्वाभाविक रूप से सटीक होना। ये सभी संकेत बताते हैं कि वीडियो को डिजिटल तरीके से तैयार किया गया है।
क्यों हो रहा है वायरल?
आज के दौर में AI और एडिटिंग टूल्स की मदद से ऐसे वीडियो बनाना आसान हो गया है, जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं। यही कारण है कि लोग बिना जांचे-परखे इन्हें सच मान लेते हैं और तेजी से शेयर कर देते हैं।
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सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी वीडियो या जानकारी को सच मानने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करनी चाहिए। फेक और AI जनरेटेड कंटेंट के बढ़ते चलन के बीच जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, हरिद्वार में बंदर के व्लॉग बनाने का यह वीडियो मनोरंजक जरूर है, लेकिन वास्तविकता से इसका कोई सीधा संबंध नहीं है। यह एक डिजिटल क्रिएशन है, जिसे लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए तैयार किया गया है।

