नई दिल्ली: देशभर में 27 अप्रैल 2026 को कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी खबर गर्मी को लेकर है, जहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
राजधानी नई दिल्ली में सोमवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। IMD ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, हल्के कपड़े पहनने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
इसी बीच दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में एक खेत में अचानक आग लगने की घटना सामने आई। आग लगने की सूचना सुबह करीब 11:15 बजे मिली, जिसके बाद दमकल विभाग की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा स्थित अर्जुन नगर की झुग्गी बस्ती में भी आग लग गई, जिसने पास की दो फैक्ट्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग पर काबू पाने के लिए आठ दमकल गाड़ियों को लगाया गया। यहां भी किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
भीषण गर्मी का असर अब जानलेवा साबित हो रहा है। ओडिशा में जनगणना कार्य में लगे दो शिक्षकों की कथित तौर पर हीटस्ट्रोक से मौत हो गई। यह घटनाएं मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों से सामने आई हैं, जहां तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। राज्य में इस तरह की यह तीसरी घटना है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
वहीं, मध्य प्रदेश के नरमदापुरम जिले में एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना एक एसयूवी और ट्रैक्टर की टक्कर के कारण हुई।
अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की बात करें तो जापान के उत्तरी हिस्से में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से कोई बड़ा नुकसान या जनहानि नहीं हुई। वहीं अफगानिस्तान में भी 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
दक्षिण भारत में तेलंगाना के मेडक में एक निजी बस में आग लगने की घटना सामने आई। बस में केवल दो लोग सवार थे और दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर रूस और उत्तर कोरिया के बीच दीर्घकालिक सैन्य सहयोग पर सहमति बनी है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, देश और दुनिया में एक ओर जहां गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं आगजनी, हादसे और भू-राजनीतिक घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। प्रशासन और आम नागरिकों के लिए सतर्क रहने का यह समय है।

