नई दिल्ली:
Election Commission of India ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से छेड़छाड़ को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग ने साफ कहा है कि ईवीएम के बटन पर इत्र, गोंद या किसी भी प्रकार का पदार्थ लगाना चुनावी अपराध की श्रेणी में आएगा और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश खासतौर पर West Bengal और Tamil Nadu में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले जारी किए गए हैं।
आयोग के अनुसार हाल के दिनों में ऐसी जानकारी सामने आई थी कि कुछ लोग वोट की पहचान करने या यह पता लगाने के लिए कि वोट किसे पड़ा है, ईवीएम के बटन पर इत्र या गोंद जैसे पदार्थ लगा देते हैं। इसे वोट की गोपनीयता के साथ खिलवाड़ माना गया है।
Read More: बिहार की राजनीति में नए समीकरण के संकेत: Tej Pratap Yadav और Prashant Kishor की मुलाकात से बढ़ी हलचल
मतदान अधिकारियों को सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मतदान केंद्रों पर ईवीएम की जांच सुनिश्चित करें। हर बटन साफ-सुथरा और स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। यदि किसी भी बटन पर कोई संदिग्ध पदार्थ, टेप या रसायन पाया जाता है, तो तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचना दी जाए।
गोपनीयता से समझौता नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के बैलेट यूनिट के बटन पर किसी भी प्रकार का रंग, स्याही, इत्र या केमिकल लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इससे मतदान की गोपनीयता प्रभावित होती है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मूल आधार है।
गंभीर अपराध की श्रेणी में कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की हरकतें ईवीएम में हस्तक्षेप और छेड़छाड़ मानी जाएंगी। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान (री-पोल) का आदेश भी दिया जा सकता है।
Read More: वैश्विक तनाव के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 300 अंक फिसला,निफ्टी में भी कमजोरी
चुनाव से पहले बढ़ी सख्ती
West Bengal में पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना है, जिसमें 1,400 से अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं Tamil Nadu में भी विधानसभा चुनाव के लिए इसी दिन मतदान होगा। दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार थम चुका है और अब प्रशासन मतदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में जुटा है।
चुनाव आयोग की इस चेतावनी को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

