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1 मई से बदल सकते हैं LPG गैस सिलेंडर के नियम: कीमत, बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम में बड़े बदलाव संभव

नई दिल्ली: मई 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में LPG गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा है। ऐसे में Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी तेल कंपनियां नए नियमों पर विचार कर रही हैं।

 LPG कीमतों में हो सकता है बदलाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 मई 2026 से LPG सिलेंडर की कीमतों में फिर से बदलाव हो सकता है। हाल ही में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें मार्च और अप्रैल में कई बार बढ़ाई गई हैं।

 बुकिंग नियमों में बदलाव संभव

सरकार पहले ही LPG सिलेंडर बुकिंग के बीच अंतराल बढ़ा चुकी है। शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 45 दिन तक हो सकती है। अब उम्मीद है कि इस नियम में और बदलाव किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को नई बुकिंग प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।

 OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम स्थायी हो सकता है

LPG सिलेंडर की डिलीवरी को पारदर्शी बनाने के लिए OTP (Delivery Authentication Code – DAC) आधारित सिस्टम लागू किया गया था। अब इसे स्थायी रूप से लागू करने की तैयारी है। इससे फर्जी डिलीवरी और गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सरकार का दावा: सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित

Ministry of Petroleum and Natural Gas के अनुसार, मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद देश में घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई 100% सुनिश्चित की जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग लगभग 98% तक पहुंच चुकी है, जबकि 94% डिलीवरी OTP सिस्टम के जरिए हो रही है।

 आधार e-KYC अनिवार्य

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (PMUY) के लाभार्थियों के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य किया गया है। हालांकि, यह केवल उन उपभोक्ताओं पर लागू होगा जिन्होंने अब तक e-KYC पूरा नहीं किया है। PMUY उपभोक्ताओं को हर वित्तीय वर्ष में एक बार e-KYC कराना होगा।

 PNG को बढ़ावा, LPG कनेक्शन हो सकता है बंद

सरकार शहरी क्षेत्रों में PNG (Piped Natural Gas) को बढ़ावा दे रही है। नए निर्देशों के अनुसार, जहां PNG उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को LPG से PNG में शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यदि कोई उपभोक्ता तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन नहीं लेता, तो उसका LPG कनेक्शन बंद किया जा सकता है।

किन क्षेत्रों को प्राथमिकता?

कमर्शियल LPG की सप्लाई में अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, फार्मा, कृषि और ऑटोमोबाइल सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर की सप्लाई भी बढ़ाई गई है।

LPG गैस सिलेंडर से जुड़े संभावित बदलाव उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। कीमतों में वृद्धि, बुकिंग नियमों में बदलाव और PNG को बढ़ावा जैसे कदम आने वाले समय में गैस उपभोक्ताओं की दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों पर नजर बनाए रखें और समय रहते आवश्यक बदलावों को अपनाएं।

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