Latest Posts

Media पाठ्यक्रमों में दाखिले से युवाओं को मिलता हैं इन क्षेत्रों में रोजगार, जानिए

मई का महीना सरकारी एवं गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला प्रक्रियों का समय है। निःसंदेह यह समय विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों के लिए गहन विचार-विमर्श का भी समय है कि बारहवीं या बैचलर के बाद कौन से पाठ्यक्रम में दाखिला लिया जाए जिससे भविष्य में रोजगार की असीम संभावनाएं खुलती हो ? प्रत्येक क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा के समय में विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए यह विचार-विमर्श पहले से ज्यादा हो गंभीर हो चला है।

abinav kataria
डॉ. अभिनव कटारिया, असिस्टेंट प्रोफेसर, जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

वर्तमान समय में विभिन्न सरकारी एवं गैरसरकारी शैक्षणिक संस्थान अनेकों पाठ्यक्रमों में आवेदन आमंत्रित करते हैं इसी क्रम में वर्तमान समय में सबसे चर्चित पाठ्यक्रमों में एक है पत्रकारिता एवं जन संचार का पाठ्यक्रम जिनमें विद्यार्थियों के दाखिले लेने की पिछले एक दशक में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रमों की ओर विद्यार्थियों का रुझान उनके व्यक्तित्व निर्माण के साथ रोजगार की असीम संभावनाएँ प्रदान करता हैं।

वर्तमान समय में मीडिया पाठ्यक्रम इसके लिए उपयुक्त नाम ‘मीडिया’ का शब्द हो चला क्योंकि यह आम बोलचाल में अधिक विस्तृत हो चला है जो मीडिया पाठ्यक्रम और मीडिया कार्यक्षेत्र को परिभाषित करता है।

मीडिया पाठ्यक्रम में आने के लिए विद्यार्थियों के लिए बारहवीं और बैचलर की उत्तीर्ण किसी भी विषय में रखी गई है जिसे तहत विद्यार्थी किसी सरकारी एवं गैरसरकारी मीडिया शैक्षणिक संस्थान में दाखिला ले सकता है। दूसरी तरफ हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार इत्यादि हिंदी पट्टी के राज्यों में सरकारी एवं गैरसरकारी काॅलेजों एवं विश्वविद्यालयों में मीडिया शैक्षणिक संस्थानों स्थापनाएँ एवं सीटो में बढ़ोतरी हुई है।

Also read : भारत में बिना डिग्री के कौन सी नौकरी मिल सकती है?

आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 22 राजकीय स्कूलों, 14 राजकीय कॉलेजों, 14 गैर राजकीय कॉलेजों, 10 राजकीय विश्वविद्यालयों, 10 गैर राजकीय विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है जो मीडिया क्षेत्र के सभी प्रकार की जरूरतों को पूर्ण करते हैं। इसके साथ ही एनसीआर में 20 से अधिक मीडिया शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहे हैं।

वही भारत में अनुमानित कुल मीडिया शिक्षा संस्थानों की बात करें तो कॉलेज देखो के अनुसार भारत में लगभग 1,800 मीडिया और जनसंचार कॉलेज वहीं शिक्षा के अनुसार लगभग 2,500 जन संचार और मीडिया कॉलेज, जिनमें निजी, सरकारी और सार्वजनिक-निजी संस्थान शामिल हैं।

मीडिया पाठ्यक्रमों में दाखिले से प्रतिभावना युवाओं को अनेक क्षेत्रों में रोजगार मिलता है जिनमें प्रमुख हैं- प्रिंट मीडिया में फ्रीलांसर, कंटेंट राइटर, कंटेंट क्रिएटर कॉलम राइटर, रिपोर्टर, ब्यूरों चीफ, सब एडिटर, सीनियर सब एडिटर, न्यूज़ एडिटर, एडिटर, समाचार समीक्षक, दूसरी तरफ ऑल इंडिया रेडियो, सामुदायिक रेडियो स्टेशन, दूरदर्शन, विभिन्न न्यूज़ चैनल में अनेक पदों पर कार्य कर सकते हैं।

इसके साथ ही युवा वीडियो एडिटर, फिल्म एडिटर, फोटोग्राफी, टेलीविजन कंटेंट प्रोड्यूसर, सफल यू-ट्यूबर, विभिन्न राजनीति पार्टियों के मीडिया मैनेजमेट एक्सपर्ट, डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट, स्पीच राइटर के रूप में अपार संभावनाएँ है।वर्तमान में भारतीय मीडिया उद्योग दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते मीडिया बाजारों में से एक है।

इसमें टेलीविजन, फिल्म, डिजिटल मीडिया, प्रिंट, रेडियो, गेमिंग, विज्ञापन, ओटीटी स्ट्रीमिंग, संगीत, एनीमेशन और निर्माता-संचालित सामग्री शामिल है। वर्तमान समय में एआई-जनित सामग्री, क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट में अथाह बढ़ोतरी, ओटीटी का दबदबा, लघु-रूप वीडियो विकास, प्रभावशाली व्यक्ति के नेतृत्व वाला विज्ञापन, पॉडकास्ट विकास, डिजिटल-प्रथम पत्रकारिता ने इसे ओर अधिक विस्तृत रूप दे दिया है।

Also read : कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कैसे करें: 2026 की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (बिना वकील के)

जिन विद्यार्थियों की लेखन में रुचि है वे सरकारी एवं गैर सकारी विभागों, संस्थानों, कंपनियों में जनसम्पर्क अधिकारी के तौर पर कार्य सकते हैं। दूसरी तरफ विज्ञापन के क्षेत्र में विद्यार्थी देश-विदेश की जानी-मानी विज्ञापन कंपनियों में कार्य कर करते हैं।

वर्तमान समय में इंटरनेट के बढ़ते उपभोक्ताओं के कारण सोशल मीडिया अपना वर्चस्व स्थापित करने में कामयाब हुआ है, इस सोशल मीडिया के लिए कंटेंट क्रिएटर, वीडियो क्रिएटर, वीडियो संपादन के माध्यम से पत्रकारिता के बहुसंख्यक विद्यार्थी अपना करियर का निर्माण कर चुके हैं और कर रहे हैं।

इसी तरफ जिन विद्यार्थियों की शिक्षण में रुचि है और वे निःसंदेह मीडिया शिक्षण में अपना करियर बना सकते हैं यह उनके लिए एक सुनहरा अवसर है क्योंकि भारत के राज्यों एवं केंद्रीय शासित राज्यों के उच्चतर शिक्षा निदेशालयों के अंतर्गत संचालित राजकीय कॉलेजों, गैर सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजकीय विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों में मीडिया शिक्षक की मांग पहले से ज्यादा बढ़ी है।

मीडिया शिक्षण में वर्तमान में पत्रकारिता जगत के अनुभवी पत्रकार भी इससे जुड़े रहे हैं क्योंकि अनुभवी और कौशलयुक्त शिक्षकों की प्रत्येक मीडिया शैक्षणिक संस्थानों की जरूरत होती है।
पत्रकारिता एवं जनसंचार के पाठ्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संचार दक्षता एवं मीडिया में नवीनतम घटनाओं के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण की समझ विकसित होती है जिससे स्वच्छ, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। मीडिया के विद्यार्थी में समाज में अपेक्षित वर्ग की आवाज़ बनने की सक्षमता होती है जिससे वह समाज में समानता स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Latest Posts

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.