धर्मशाला में हुई वार्षिक आम बैठक में आईपीएल क्वालीफायर, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और हिमाचल में क्रिकेट के विस्तार पर चर्चा; 2026/27 सत्र में जिलों और महिला क्रिकेट को मजबूत करने की तैयारी
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) रविवार को धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 2025/26 सत्र की उपलब्धियों की समीक्षा की। इस दौरान विशेष रूप से धर्मशाला में पहली बार आईपीएल क्वालीफायर मुकाबले की मेजबानी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और हिमाचल प्रदेश में जमीनी स्तर पर क्रिकेट के विस्तार पर चर्चा हुई।
धर्मशाला में पहली बार हुआ आईपीएल प्लेऑफ मुकाबला
2025/26 सत्र के दौरान एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला ने टाटा आईपीएल के चार मुकाबलों की मेजबानी की, जिसमें एक क्वालीफायर मुकाबला भी शामिल रहा। यह पहली बार था जब धर्मशाला में आईपीएल प्लेऑफ मुकाबला खेला गया। इसे स्टेडियम और हिमाचल प्रदेश के क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।

इसी सत्र में स्टेडियम ने भारत और अफगानिस्तान के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की भी मेजबानी की। स्टेडियम में डिजिटल टिकटिंग और पूरे परिसर में वाई-फाई जैसी स्मार्ट सुविधाओं के विस्तार से दर्शकों को बेहतर मैच-दिवस अनुभव उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा चंबा और मंडी में आयोजित आईपीएल फैन पार्क के माध्यम से टूर्नामेंट का रोमांच प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचा।
सभी जिलों में सब-सेंटर नेटवर्क का विस्तार
एचपीसीए की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में सब-सेंटर नेटवर्क के विस्तार का काम जारी है। इसके माध्यम से युवा लड़के और लड़कियों को अपने घर के नजदीक कोचिंग, खेल सुविधाओं और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का अवसर मिल रहा है।
पूरे सत्र में जिला स्तरीय और आयु-वर्ग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं को उभरते खिलाड़ियों को उच्च स्तर के क्रिकेट तक पहुंचने के लिए मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
सुषमा वर्मा और हरलीन देओल का सीपीएल के लिए चयन
हिमाचल के खिलाड़ियों ने भी 2025/26 सत्र में अपनी पहचान बनाई। सुषमा वर्मा और हरलीन देओल का कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) के लिए चयन प्रदेश के क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। एचपीसीए के अनुसार, इन खिलाड़ियों की उपलब्धि हिमाचल के युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मिलेंगी हाई-परफॉर्मेंस सुविधाएं
बैठक में धर्मशाला में स्थापित नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी उल्लेख किया गया। यहां कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन, पुनर्वास और प्रदर्शन विश्लेषण जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
वर्ष के दौरान एचपीसीए के कोचों, अंपायरों, मैच अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और नियुक्तियां भी मिलीं। एसोसिएशन के अनुसार, इससे प्रदेश के क्रिकेट तंत्र को और मजबूती मिली है।
2026/27 में जिलों और युवा क्रिकेट पर रहेगा जोर
आगामी 2026/27 सत्र के लिए एचपीसीए ने क्रिकेट को प्रदेश के जिलों में और गहराई तक ले जाने पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही युवा और आयु-वर्ग क्रिकेट के रास्तों को मजबूत करना, धर्मशाला के बाहर हाई-परफॉर्मेंस सहायता का विस्तार, मैदानों की सुविधाओं का उन्नयन और पूरे हिमाचल प्रदेश में लड़कों तथा लड़कियों की भागीदारी बढ़ाना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
एजीएम में अनुराग सिंह ठाकुर, मानद सचिव मनुज शर्मा, मानद उपाध्यक्ष विजय भंडारी, मानद कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, मानद संयुक्त सचिव विशाल शर्मा सहित एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।
एचपीसीए ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य क्रिकेट की पहुंच को बढ़ाना और जमीनी स्तर से लेकर खेल के उच्चतम स्तर तक खिलाड़ियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
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