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Hindi News / खेलकूद

Asian Para Games: Rakesh Nidagundi 7वें स्थान पर, फाइनल में दबाव से चूके पदक

Para Shooter Rakesh Nidagundi ने 10m Air Rifle Final में 141.5 अंक हासिल किए। बोले- अनुभव की कमी और दबाव से सीख लेकर अगली प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करूंगा। नई दिल्ली। Asian Para Games में...

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<span class="title-highlight-color">Asian Para Games:</span> Rakesh Nidagundi 7वें स्थान पर, फाइनल में दबाव से चूके पदक

Para Shooter Rakesh Nidagundi ने 10m Air Rifle Final में 141.5 अंक हासिल किए। बोले- अनुभव की कमी और दबाव से सीख लेकर अगली प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करूंगा।

नई दिल्ली। Asian Para Games में भारत के Para Shooter Rakesh Nidagundi पदक जीतने से चूक गए। Japan के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता के Men’s 10m Air Rifle Final में उन्होंने 141.5 अंक हासिल किए और सातवें स्थान पर रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार फाइनल में पहुंचे Rakesh Nidagundi के लिए यह अनुभव खास था, लेकिन निर्णायक दौर में वह अपना प्रदर्शन बरकरार नहीं रख सके।

Rakesh Nidagundi ने माना कि बड़े मंच पर खेलने का दबाव और अनुभव की कमी उनके प्रदर्शन पर असर डालने वाले कारणों में शामिल थे। उन्होंने Final तक पहुंचने के लिए अच्छी तैयारी की थी, लेकिन अंतिम दौर में वह अपने खेल पर वैसा नियंत्रण नहीं रख पाए, जैसी उम्मीद थी।

JP Nautiyal की कमी महसूस हुई

Rakesh Nidagundi के मुताबिक, उनके खेल को बेहतर बनाने में मुख्य कोच JP Nautiyal की अहम भूमिका रही है। वर्ष 2021 से वह Rakesh Nidagundi को Training और Guidance दे रहे हैं। उन्होंने Rakesh Nidagundi को निशानेबाजी की Technique के साथ-साथ प्रतियोगिता के दौरान मानसिक रूप से मजबूत रहने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सीख दी है।

Rakesh Nidagundi ने बताया कि Japan में मुख्य कोच की मौजूदगी और नियमित मार्गदर्शन नहीं मिल पाने की कमी उन्हें महसूस हुई। हालांकि, दोनों के बीच Messages के जरिए बातचीत होती रही। खेल से जुड़ी किसी परेशानी या तकनीकी सवाल पर Rakesh Nidagundi उनसे सलाह लेते थे।

उनका मानना है कि कोच का अनुभव खिलाड़ी को मुश्किल परिस्थितियों में आत्मविश्वास देता है। सही मार्गदर्शन से खिलाड़ी दबाव के बीच भी अपने खेल पर ध्यान बनाए रख सकता है।

गौरतलब है कि एशियाई पैरा खेलों के लिए भारतीय पैरा निशानेबाजी दल में JP Nautiyal को शामिल नहीं किया गया था। इस फैसले पर Manish Narwal, Mona Agarwal और Rudransh Khandelwal जैसे खिलाड़ियों ने भी नाराजगी जताई थी। हालांकि, Rakesh Nidagundi के सातवें स्थान पर रहने के पीछे कोच की अनुपस्थिति को अकेला कारण नहीं माना जा सकता। उनके प्रदर्शन पर दबाव और अनुभव सहित कई कारकों का असर पड़ा हो सकता है।

2017 में हुई Shooting से पहली मुलाकात

शारीरिक रूप से दिव्यांग Rakesh Nidagundi को बचपन से ही खेलों में दिलचस्पी थी। वह दूसरे खिलाड़ियों को खेलते देखते थे और उनसे प्रेरणा लेते थे। वर्ष 2017 में उनका निशानेबाजी से पहला परिचय हुआ, जब उन्हें हुब्बली की एक Shooting Academy के लिए प्रचार सामग्री तैयार करने का काम मिला।

हालांकि, उन्होंने इस खेल को अपना करियर बनाने का फैसला वर्ष 2021 में किया। कोविड-19 महामारी के दौरान Lockdown में ढील मिलने के बाद उन्होंने निशानेबाजी को गंभीरता से अपनाया और लगातार अभ्यास शुरू किया।

उनके करियर को नई दिशा Khelo India Games में मिली, जहां उन्होंने दो पदक जीते। इस सफलता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

33 National Medals जीत चुके हैं Rakesh Nidagundi

Rakesh Nidagundi अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 33 पदक जीत चुके हैं। इनमें 14 Gold, 10 Silver और 9 Bronze Medals शामिल हैं। वह दो बार National Champion भी रह चुके हैं और कई World Cup प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

वर्ष 2026 में South Korea के चांगवोन में आयोजित WSPS World Championship में उन्होंने Team Event में Silver Medal जीता था। वहीं, नवंबर 2025 में Al Ain World Cup की R-1 स्पर्धा में उन्होंने 615.8 अंक हासिल किए थे। ये उपलब्धियां बताती हैं कि Rakesh Nidagundi लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

Rakesh Nidagundi ने अपने अन्य Coaches और Support Staff का भी आभार जताया। उन्होंने बताया कि जीवन सर उनके कोच और राष्ट्रीय राइफल कोच हैं, जबकि रवि चंद्र ने शुरुआती दौर में उन्हें प्रशिक्षण दिया। इन सभी ने उनकी तकनीक सुधारने, मैच के दबाव को संभालने और गलतियों से सीखने में मदद की है।

हार से सीखकर Comeback की तैयारी

Asian Para Games में पदक से चूकने के बावजूद Rakesh Nidagundi ने हिम्मत नहीं हारी है। उनका कहना है कि फाइनल में हुई गलतियों को पहचानकर वह उन पर काम करेंगे और अगली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

Rakesh Nidagundi के लिए Shooting अब केवल एक खेल नहीं, बल्कि उनका Professional Career है। उनका पूरा ध्यान Training, Technical Improvement और Mental Preparation पर रहेगा। सातवें स्थान के इस परिणाम को वह अपने सफर का अंत नहीं, बल्कि आगे बेहतर करने का एक मौका मानते हैं।

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