IAS vs IPS, दोनों All India Services हैं, और दोनों में ही देश के लिए बड़ा काम करने का मौका मिलता है। IAS का मुख्य रोल प्रशासन, नीति लागू करना, और अलग-अलग departments को मैनेज करना होता है, जबकि IPS कानून-व्यवस्था, crime control और public safety संभालता है। दोनों की respect बहुत ऊँची होती है और selection एक ही exam, यानी UPSC Civil Services Exam से होता है।
अक्सर लोग सोच में पड़ जाते हैं कि IAS better है या IPS। यही confusion दूर करने के लिए यह छोटा सा comparison शुरू किया गया है—जहाँ काम का nature, lifestyle, power, training और daily duties का साफ-साफ overview मिलता है।
IAS Aur IPS Kon Hote Hain?
कई लोग सिविल सेवाओं के बारे में सुनते हैं, पर ज्यादा साफ़ समझ नहीं मिलती कि IAS और IPS असल में क्या काम करते हैं। दोनों ही देश की महत्वपूर्ण services हैं, लेकिन उनका काम अलग दिशा में चलता है। अक्सर यह फर्क लोगों को exam की तैयारी शुरू करने के बाद समझ आता है।
IAS क्या होता है?
IAS का मुख्य फोकस administration पर होता है। ये लोग policy को जमीन पर लागू करवाते हैं, यानी कोई भी सरकारी योजना हो—housing, roads, health—उसका execution सही से हो, यह देखना IAS की daily जिम्मेदारी रहती है। कई बार इन्हें district level पर काम करते देखकर लगता है कि पूरा सिस्टम इन्हीं के भरोसे चलता है।
IPS क्या होता है?
IPS का काम अलग होता है। यह law and order, crime control और policing संभालते हैं। किसी शहर में security मजबूत करनी हो, कोई बड़ा case solve करना हो या public safety बढ़ानी हो—इन सबमें IPS सीधे तौर पर शामिल रहते हैं।
इस तरह IAS administration की backbone है और IPS देश की security का मजबूत आधार।

IAS vs IPS – Responsibilities और Power
कई aspirants अक्सर पूछते हैं कि IAS vs IPS में असली फर्क क्या होता है। सच कहूँ तो फर्क सिर्फ role और responsibilities का है। मैंने खुद जिलों में काम करते हुए देखा है कि IAS पूरे जिले की administration चलाता है, वहीं IPS उसी जिले की security और law & order संभालते हैं।
IAS की Responsibilities
- पूरे district administration को manage करना
- Government schemes सही लोगों तक पहुँच रही हैं या नहीं मॉनिटर करना
- Development projects जैसे सड़क, पानी, शिक्षा पर नज़र रखना
- Departments के बीच coordination बनाए रखना
IPS की Responsibilities
- Crime investigation लीड करना
- Public safety और law & order बनाए रखना
- Police force management संभालना
- VIP security और sensitive areas की सुरक्षा करना
Power & Authority
IAS प्रशासनिक head (DC) होता है, policy और system को direction देता है। IPS SP के रूप में operational head होता है, policing और law enforcement में authority रखता है। District में दोनों pillars मिलकर काम करते हैं। फर्क role का है, respect और responsibility दोनों high हैं।
Salary, Perks & Facilities – IAS aur IPS Dono Ki Kya Suvidhaen Hain?
जब कोई पहली बार IAS या IPS की salary, सुविधाएँ और काम की जिम्मेदारियाँ देखता है, तो समझ आता है कि ये केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक पूरी ज़िंदगी की भूमिका होती है। दोनों सेवाओं में प्रतिष्ठा तो है ही, साथ-साथ सरकार कई perks और facilities भी देती है जो इस काम को संभालने में मदद करते हैं।
Basic Pay Scale
IAS और IPS दोनों का शुरुआती Basic Pay लगभग ₹56,100 से शुरू होता है। समय के साथ इसे ₹2,50,000 तक ग्रेड और पद के अनुसार पढ़ाया जाता है।
Official Residence
दोनों सेवाओं को सरकारी बंगला, फर्नीचर, रखरखाव और ज़रूरी staff मिलता है। हालाँकि IAS अधिकारियों को प्रायः बड़े प्रशासनिक क्षेत्रों में थोड़ा अधिक सुविधा मिलती है।
Staff Car & Security
दोनों को chauffeur-driven staff car, ऑफिस संसाधन और IPS को उनके कार्य की प्रकृति के कारण अतिरिक्त security cover मिलता है।
Allowances & Promotions
DA, TA, HRA, special duty allowances, तेज़ी से होने वाले promotions और seniority-based benefits—दोनों सेवाओं में समान ढाँचे में मिलते हैं।
यह छोटा सा IAS vs IPS perks और facilities का overview है—ताकि आपको दोनों की वास्तविक तस्वीर समझ आए।
Work-Life Balance – IAS vs IPS Ka Work Routine Kaisa Hota Hai?
कई लोग मुझसे पूछते हैं कि असल जिंदगी में IAS और IPS का work-life balance कैसे चलता है। सच कहूँ तो दोनों ही roles अपने तरीके से demanding हैं, पर उनकी daily life का rhythm थोड़ा अलग होता है—और वही फर्क असली अनुभव बनाता है।
IAS का Daily Routine
IAS officers का routine आमतौर पर office hours में चलता है। Meetings, files, planning, field inspections—सब कुछ एक तय structure में। शाम को अक्सर घर का समय मिल जाता है, कुछ दिन heavy workload भी आता है, पर overall उनका work pattern थोड़ा predictable होता है। इसलिए unka work-life balance थोड़ा stable माना जाता है।
IPS का Daily Routine
IPS officers की life bilkul अलग होती है। Field duty, emergencies, night calls, law and order—इन चीज़ों में timing का कोई भरोसा नहीं। Festivals, VIP movements, अचानक होने वाली घटनाएँ उनके schedule को हमेशा बदल देती हैं। यही वजह है कि IPS का work-life balance ज़्यादा hectic और unpredictable माना जाता है।
यही lifestyle का basic फर्क है जो लोग अक्सर compare करते हैं |
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Training Difference – IAS Aur IPS Ki Training Kahan Aur Kaise Hoti Hai?
पहली बार जब कोई सुनता है कि IAS और IPS दोनों एक ही परीक्षा से निकलते हैं, तो मन में यही सवाल आता है—फिर इनकी training में इतना फर्क क्यों होता है? सच कहूँ तो, दोनों ही roles अलग जिम्मेदारियाँ लेते हैं, इसलिए उनकी तैयारी भी अलग तरीके से होती है। नीचे छोटी और साफ जानकारी दे रहा हूँ ताकि आप बिना घुमाव समझ सकें कि IAS aur IPS ki training kahan aur kaise hoti hai।
IAS Training – LBSNAA Mussoorie
IAS अधिकारियों की शुरुआती training मशहूर LBSNAA Mussoorie में होती है। यहाँ उन्हें administrative modules सिखाए जाते हैं—कैसे फैसले लेने हैं, कैसे किसी district की जरूरतें समझनी हैं, और कैसे अलग-अलग विभागों को संभालना है। इस दौरान कई बार district visits भी कराए जाते हैं ताकि काम का असली दबाव और लोगों की जरूरतें सीधे महसूस हो सकें।
IPS Training – NPA Hyderabad
IPS अधिकारियों की training का केंद्र है National Police Academy (NPA) Hyderabad। यहाँ फोकस ज़्यादा physical training, weapons training, और field policing modules पर होता है। मतलब यह प्रशिक्षण ज़्यादा कठोर होता है, क्योंकि उन्हें ground पर तुरंत कार्रवाई करनी होती है।

Posting & Cadre System – IAS vs IPS Posting Kaise Milti Hai?
कई लोग सिविल सेवा का सपना देखते हैं, पर असली उलझन वहीं आती है जब बात posting और cadre system की होती है। कई बार खुद मुझे भी अलग-अलग राज्यों के अफसरों से बात करके समझ आया कि ground reality किताबों से थोड़ी अलग होती है। हर अधिकारी की शुरुआत अलग चुनौतियों से होती है—कोई छोटे rural जिले में, तो कोई बड़े urban शहर में। यही फर्क आगे का अनुभव तय करता है।
State Cadre Allocation
IAS और IPS दोनों को पहले उनके rank और preference के आधार पर state cadre allocation मिलता है। एक बार cadre तय हो गया, तो वही उनका मुख्य कार्यक्षेत्र बन जाता है।
IAS Posting Pattern
IAS अधिकारी अक्सर ज़िले की administration संभालते हैं—जैसे SDM, फिर DM के रूप में। शुरुआत में probation के दौरान rural postings आम होती हैं।
IPS Posting Pattern
IPS अधिकारी district policing में आते हैं। probation के बाद SP/ASP जैसी जिम्मेदारियां मिलती हैं, जहाँ law and order ground level पर सीधा संभालना पड़ता है।
यह दोनों सेवाएँ अलग nature की fieldwork और challenges देती हैं।
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Career Growth Aur Promotion Path – IAS vs IPS
पहली नज़र में IAS और IPS दोनों ही बड़े सम्मान वाले पद लगते हैं, लेकिन जब करियर बढ़ने की बात आती है, तो दोनों की career growth और promotion path थोड़ा अलग दिखता है। कई छात्र यह सोचकर उलझ जाते हैं कि किस सर्विस में आगे बढ़ने के ज्यादा मौके हैं और किसका final rank वास्तव में कितना ऊँचा जाता है। यहाँ हम उसी को सरल, इंसानी तरीके से समझते हैं—जैसे कोई सीनियर अपना अनुभव शेयर कर रहा हो।
IAS Career Growth
IAS की शुरुआत अक्सर SDM से होती है। फिर experience बढ़ता है तो DM तक पहुँचते हैं। इसके बाद Divisional Commissioner, फिर वही सिस्टम धीरे-धीरे आपको Principal Secretary तक ले जाता है। सबसे ऊपर का पद Chief Secretary होता है, जो किसी राज्य की bureaucracy का सबसे ऊँचा स्थान माना जाता है। यह path काफ़ी structured और ज़िम्मेदारी वाला होता है।
IPS Career Growth
IPS में शुरुआत ASP से होती है। फिर SP, उसके बाद DIG और IG तक समय के साथ प्रमोशन मिलता है। लंबी सर्विस के बाद आप ADG तक जाते हैं और सबसे ऊपर DGP होता है, जो राज्य की police force का शीर्ष पद है।
Final Rank Difference
सीधे शब्दों में, IAS का top पद Chief Secretary है और IPS का top पद DGP। ज़्यादातर राज्यों में protocol में Chief Secretary थोड़ा ऊपर माना जाता है।
Required Skills – IAS vs IPS Aspirants Ko Kaise Skills Chahiye?
अगर आप IAS या IPS बनने का सपना देख रहे हैं, तो सिर्फ पढ़ाई करना ही काफी नहीं है। हर सेवा की अपनी अलग मांग होती है, और सही skills होना आपके सफर को आसान बना सकता है। IAS और IPS दोनों ही prestigious हैं, लेकिन skills का फर्क समझना जरूरी है।
IAS Aspirants ke Liye Required Skills
IAS बनने के लिए policy understanding बहुत जरूरी है। साथ ही decision-making और leadership qualities भी होनी चाहिए। Analytical skills आपके काम को efficient बनाते हैं। बड़े departments और schemes को manage करने के लिए ये skills आपकी daily challenges में मदद करते हैं।
IPS Aspirants ke Liye Required Skills
IPS बनने के लिए physical fitness और discipline सबसे जरूरी हैं। Fast decision-making और crisis handling आपके daily policing और law enforcement में काम आती हैं। Public dealing skills भी बेहद जरूरी हैं क्योंकि field में लोगों से direct interaction होता है।
इन skills ko develop करना early stage से शुरू करना चाहिए ताकि exam aur service dono smooth रहे।
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IAS vs IPS – Kaise Banein, Exam Details aur Syllabus Overview
अगर आप सोच रहे हैं IAS या IPS बनने का सपना रखते हैं, तो सबसे पहले जान लें कि दोनों के लिए UPSC Civil Services Exam ही मुख्य रास्ता है। यह परीक्षा बहुत चुनौतिपूर्ण है, लेकिन सही तैयारी और रणनीति से आप इसमें सफलता पा सकते हैं। कई छात्र शुरुआत में भ्रमित रहते हैं कि कौन सा service चुने, IAS या IPS, लेकिन असल में यह चयन rank और preference पर निर्भर करता है।
UPSC Civil Services Exam Ka Structure
यह परीक्षा तीन स्टेज में होती है:
- Preliminary Exam (Objective) – CSAT और General Studies पर आधारित।
- Mains Exam (Descriptive) – General Studies, Optional Subject, और Essay writing।
- Personality Test/Interview – उम्मीदवार की overall personality और suitability को देखा जाता है।
Eligibility Criteria
उम्मीदवार भारत के नागरिक होने चाहिए, आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 21-32 साल, और graduation पास होना अनिवार्य है।
Syllabus aur Preparation Tips
General Studies, Current Affairs, CSAT और Optional Subjects पर focus करें। Daily newspaper reading और standard books पढ़ना मदद करता है। Smart planning और consistent practice से IAS और IPS बनने की राह आसान हो सकती है।
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Kaun Sa Career Choose Karein? IAS vs IPS – Practical Tips
अगर आप UPSC की तैयारी कर रहे हैं और सोच रहे हैं कि IAS लें या IPS, तो यह फैसला सिर्फ मार्क्स या रैंक से नहीं, बल्कि आपके interest, personality और long-term goals से जुड़ा है। कई लोग सोचते हैं कि दोनों ही prestigious हैं, पर काम का nature और daily routine बिलकुल अलग होता है।
Interest-Based Selection
अगर आपको administration और policy-making में मज़ा आता है, लोगों की problems solve करना पसंद है, तो IAS आपके लिए सही रहेगा। वहीं, अगर आपको policing, law enforcement और action-based duty पसंद है, discipline में रहकर देश की सेवा करना अच्छा लगता है, तो IPS choose करें।
Personality aur Risk-Taking Capacity
IAS के लिए patience, strategy, और negotiation skills ज़रूरी हैं। IPS में decision-making जल्दी करनी होती है और कभी-कभी risk भी लेना पड़ता है।
Long-Term Career Goals
Apne career goal ko samajhna बहुत ज़रूरी है—kya aap administration में policy-making में leadership role चाहते हैं, या field में directly impact create करना चाहते हैं।
Final Thoughts
IAS aur IPS, dono hi Bharat ki backbone services hain aur देश की governance और सुरक्षा में बराबरी का योगदान देते हैं। फर्क सिर्फ उनके role और work environment का होता है। IAS ज्यादा policy-making और administration में काम करता है, वहीं IPS law enforcement और public safety में active रहता है।
Respect और value दोनों ही services में बहुत high है। इसलिए aspirants को अपने interest, personal strength और long-term career goal के हिसाब से निर्णय लेना चाहिए। याद रखें, IAS या IPS चुनना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा का commitment है।
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