Sunday, January 25, 2026

Latest Posts

दक्षिण Kashmir के पहाड़ी दर्रों में ट्रैकिंग हाइकिंग पर दो महीने का प्रतिबंध

दक्षिण Kashmir के प्रसिद्ध ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों मार्गन टॉप, चुहरनाग और सिंथन टॉप में ट्रैकिंग, हाइकिंग और कैंपिंग गतिविधियों पर प्रशासन ने दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला जन सुरक्षा और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इस संबंध में कोकेरनाग के एसडीएम प्रिंस कुमार द्वारा आदेश जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से गंभीर सुरक्षा इनपुट प्राप्त हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक यह प्रतिबंध सेना द्वारा पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दोनों ओर चलाए जा रहे बड़े आतंकी विरोधी अभियान के चलते लगाया गया है। यह पर्वत श्रृंखला कश्मीर घाटी को पूंछ, राजौरी, किश्तवाड़ और डोडा जिलों से जोड़ती है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से आए प्रशिक्षित आतंकी पिछले कुछ वर्षों से इन घने और ऊंचाई वाले जंगलों में छिपे हुए हैं। सर्दियों के कारण सीमा पार जाने वाले अधिकतर रास्ते बंद हो चुके हैं, ऐसे में सुरक्षा बलों ने रणनीतिक रूप से अभियान तेज किया है।

क्यों खास हैं ये इलाके?

मार्गन टॉप (12,000 फीट) दक्षिण कश्मीर को किश्तवाड़ की वॉरवान घाटी से जोड़ता है। 1990 के दशक में यह इलाका आतंकियों का गढ़ रहा है। सिंथन टॉप (12,000 फीट) अनंतनाग को किश्तवाड़ के चत्रू क्षेत्र से जोड़ता है, जहां बीते दो वर्षों में कई मुठभेड़ हो चुकी हैं। चुहरनाग, 14,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित चार झीलों का समूह है, जहां बड़ी संख्या में ट्रैकर्स आते हैं।

आम नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता

अधिकारियों ने बताया कि ट्रैकिंग पर रोक का उद्देश्य किसी भी संभावित जानमाल के नुकसान से बचाव, गलत पहचान की आशंका को रोकना और सैन्य अभियान की गोपनीयता बनाए रखना है। इससे पहले प्रशासन ने नॉर्थ कश्मीर के डानवास जंगल क्षेत्र में भी ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगाया था, जो गुलमर्ग के पास स्थित है और जम्मू क्षेत्र व पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जुड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध दो महीने तक प्रभावी रहेगा और इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।

Latest Posts

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.