चंडीगढ़ / पंचकुला / कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की वादियों में स्थित ढालपुर मैदान इन दिनों आस्था, ऊर्जा और युवा जोश के अद्भुत संगम का साक्षी बना। Nirankari Youth फोरम द्वारा आयोजित युवा खेलों का शुभारंभ अत्यंत आध्यात्मिक और प्रेरणादायक वातावरण में हुआ, जिसमें युवाओं ने खेलों के माध्यम से सेवा, अनुशासन और एकत्व का संदेश दिया।
यह भव्य आयोजन संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया, जो क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकता और भाईचारे का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
ध्वजारोहण से गूंजा परिसर, मशाल ने जगाई ऊर्जा
कार्यक्रम का शुभारंभ परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में ध्वजारोहण और मशाल प्रज्वलन के साथ हुआ। इस पवित्र क्षण ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
जैसे ही मशाल जली, वैसे ही युवाओं का जोश चरम पर पहुंच गया और “शाबाश” के स्वर से पूरा मैदान गूंज उठा। अनुशासन, समर्पण और टीम भावना का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर दर्शक के मन में नई प्रेरणा जगा दी।
खेल नहीं, सेवा और साधना का माध्यम
अपने आशीर्वचनों में सतगुरु माता जी ने कहा कि ये खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का साधन नहीं हैं, बल्कि यह “नृत्य-व्यम” के भाव से अपने शरीर को निरंकार की सेवा में समर्पित करने का एक पावन माध्यम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब युवा सेवा, अनुशासन और एकत्व को अपनाते हैं, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।
उन्होंने आयोजन में दिखाई गई एकजुटता और समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दातार की कृपा से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, भले ही कुछ खेल परिस्थितियों के कारण स्थगित करने पड़े।
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‘बेरंग में अनेक रंग’ का जीवंत उदाहरण
इस आयोजन की सबसे खास बात इसकी बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी भागीदारी रही। यहां अलग-अलग राज्यों और पृष्ठभूमि से आए युवाओं ने एक साथ मिलकर “बेरंग में अनेक रंग” की भावना को साकार किया।
चंडीगढ़, पंचकुला और मोहाली से पहुंचे सेवादल के युवाओं ने सेवा भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, जिससे यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता न रहकर एक आध्यात्मिक समागम बन गया।
टीमवर्क का संदेश: जीत वही, जो सबको साथ लेकर आए
कार्यक्रम के दौरान बार-बार यह संदेश दिया गया कि सच्ची जीत वही है, जिसमें सभी को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। यहां प्रतिस्पर्धा से ज्यादा सहयोग और सामूहिकता को महत्व दिया गया, जो आज के दौर में युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।
युवाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपने जीवन में निरंकारी शिक्षाओं को अपनाएं और तन, मन तथा धन से सेवा भाव बनाए रखें।
युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय
कुल्लू में आयोजित यह निरंकारी यूथ फोरम खेल आयोजन केवल एक स्पोर्ट्स इवेंट नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन की तरह सामने आया, जिसने युवाओं को सही दिशा, सकारात्मक सोच और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब युवा शक्ति आस्था और सेवा से जुड़ती है, तो वह न केवल खुद को बल्कि पूरे समाज को एक नई दिशा दे सकती है।

