मुंबई।
बई की राजनीति का सबसे बड़ा दंगल माने जाने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। नौ साल के लंबे अंतराल के बाद हुए इन चुनावों में शुरुआती रुझानों के मुताबिक BJP और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की महायुति स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। वहीं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की संयुक्त रणनीति अब तक अपेक्षित असर नहीं दिखा पाई है।
Also Read: पंजाब सरकार ने शुरू किया डिजिटल ई-सनद प्लेटफॉर्म, अब दस्तावेज़ सत्यापन होगा तेज और कागज़ रहित
227 वार्डों में हुए चुनावों की मतगणना शुक्रवार सुबह शुरू हुई, लेकिन इस बार चरणबद्ध गिनती के चलते नतीजों में देरी हो रही है। अब तक के रुझानों में BJP-नेतृत्व वाली महायुति करीब 90 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जबकि शिवसेना (UBT)–MNS गठबंधन लगभग 60–65 सीटों तक सिमटा हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस 10–15 सीटों के आसपास ही दिख रही है।
केंद्रीय मुंबई के मराठी बहुल इलाकों—दादर, परेल, वर्ली और सिवरी—में मुकाबला सबसे प्रतिष्ठित माना जा रहा था। यहीं ठाकरे परिवार की सियासी पकड़ को BJP और शिंदे गुट ने सीधी चुनौती दी। चुनाव से पहले कई पूर्व नगरसेवकों और विधायकों के दल बदलने से शिवसेना (UBT) को नुकसान पहुंचा।
मतदान प्रतिशत इस बार करीब 53% रहा, जो 2017 के चुनाव (55%) से थोड़ा कम है, लेकिन नागरिक चुनावों के लिहाज से संतोषजनक माना जा रहा है। हालांकि मतदान के दौरान वोटर लिस्ट से नाम गायब होने, बूथ बदले जाने और स्याही को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत और कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए, जिन्हें आयोग ने खारिज किया।
Also Read: सुंदर मुंदरिए तेरा कौन विचारा…’ बिना इस लोकगीत के अधूरी है लोहड़ी की रौनक
इस बीच BJP नेता और मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने ठाकरे भाइयों के गठबंधन को “स्वार्थ से प्रेरित” बताते हुए दावा किया कि जनता ने इसे नकार दिया है। उन्होंने कहा कि महायुति 114 के बहुमत आंकड़े को पार कर सकती है और 130 से अधिक सीटें जीत सकती है।
अगर मौजूदा रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह BMC पर ठाकरे गुट के लगभग 30 साल के वर्चस्व का अंत होगा। ऐसे में मुंबई को नया मेयर मिलने की तस्वीर देर शाम या शनिवार तक साफ होने की संभावना है।

