हंतावायरस क्या है? क्रूज शिप आउटब्रेक के बाद बढ़ी चिंता, जानिए लक्षण

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    हंतावायरस क्या है?

    इन दिनों डच क्रूज शिप MV Hondius पर हंतावायरस (Hantavirus) के मामले सामने आने के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। इस घटना में कुछ यात्रियों की मौत की पुष्टि के बाद World Health Organization ने भी हस्तक्षेप किया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस COVID-19 जैसा तेज़ी से फैलने वाला संक्रमण नहीं है, लेकिन इसकी गंभीरता को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।

    क्या है हंतावायरस?

    हंतावायरस एक जूनोटिक वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृन्तकों (rodents) में पाया जाता है। यह इंसानों में सीधे नहीं बल्कि संक्रमित जानवरों के जरिए फैलता है।

    संक्रमित चूहों के मल, पेशाब और लार में यह वायरस मौजूद रहता है। जब इन सूखे कणों की धूल हवा में उड़ती है और इंसान उसे सांस के जरिए अंदर ले लेता है, तो संक्रमण हो सकता है।

    कैसे फैलता है यह वायरस?

    यह वायरस आमतौर पर उन जगहों पर फैलता है जहां चूहों की संख्या अधिक होती है, जैसे—

    • गोदाम
    • बेसमेंट
    • खेत और खलिहान
    • बंद और कम हवादार कमरे
    • ग्रामीण और जंगल क्षेत्र

    कभी-कभी चूहे के काटने से भी संक्रमण हो सकता है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ है।

    शरीर पर क्या असर डालता है?

    शरीर में पहुंचने के बाद यह वायरस रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है। इससे शरीर में सूजन और तरल रिसाव बढ़ जाता है।

    गंभीर मामलों में यह स्थिति खतरनाक हो सकती है और—

    • फेफड़ों में पानी भर सकता है
    • सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो सकती है
    • किडनी फेलियर हो सकता है
    • ब्लड प्रेशर तेजी से गिर सकता है

    हंतावायरस के शुरुआती लक्षण

    इस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे होते हैं, जिससे इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है।

    मुख्य लक्षण—

    • तेज बुखार
    • सिरदर्द
    • मांसपेशियों में दर्द
    • थकान
    • उल्टी और मतली
    • पेट दर्द
    • दस्त

    गंभीर स्थिति में—

    • सांस लेने में कठिनाई
    • फेफड़ों में तरल भरना
    • किडनी पर असर
    • प्लेटलेट्स की कमी

    क्या यह COVID-19 जैसा है?

    विशेषज्ञों के अनुसार हंतावायरस और COVID-19 पूरी तरह अलग हैं। COVID एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलने वाला वायरस था, जबकि हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों से इंसानों में फैलता है।

    हालांकि Andes वायरस नामक एक स्ट्रेन में सीमित मानव-से-मानव संक्रमण देखा गया है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ है। इसलिए इसे महामारी जैसे COVID जैसा नहीं माना जाता।

    भारत में कितना खतरा?

    भारत में अभी तक इस वायरस का बड़ा प्रकोप नहीं देखा गया है। हालांकि कुछ शोधों में तमिलनाडु जैसे राज्यों में इसके हल्के संक्रमण के संकेत मिले हैं। भारत में पहले Thottapalayam virus infection के मामले भी दर्ज किए गए थे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सबसे बड़ी चुनौती जागरूकता और जांच सुविधाओं की कमी है।

    क्रूज शिप MV Hondius में क्या हुआ?

    MV Hondius पर यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों में बुखार, पेट दर्द और दस्त के लक्षण सामने आए। बाद में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। जहाज में करीब 140 यात्री सवार थे।

    WHO के अनुसार, बंद वातावरण और लंबे समय तक करीब संपर्क संक्रमण फैलने का कारण हो सकता है।

    बचाव कैसे करें?

    चूंकि इसका कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे महत्वपूर्ण उपाय है।

    • चूहों वाले स्थानों पर मास्क और ग्लव्स का उपयोग करें
    • बंद कमरों को पहले हवादार बनाएं
    • भोजन को ढककर रखें
    • चूहों के मल या पेशाब से सीधे संपर्क न करें
    • घर और गोदामों में rodent control रखें

    हंतावायरस एक गंभीर लेकिन सीमित फैलने वाला संक्रमण है। यह COVID जैसा तेज़ी से फैलने वाला वायरस नहीं है, लेकिन लापरवाही की स्थिति में यह खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और साफ-सफाई से इसके खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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