ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के इस्तीफे को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया और कई विदेशी मीडिया प्लेटफॉर्म पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और इसके पीछे ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ टकराव बताया जा रहा है। हालांकि अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी सरकार ने इन खबरों को खारिज कर दिया है।
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दरअसल, कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में कहा गया कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सुप्रीम लीडर के कार्यालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के अहम फैसलों पर IRGC का नियंत्रण बढ़ गया है और राष्ट्रपति पद को निर्णय प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई।
हालांकि ईरान के सरकारी सूत्रों और राष्ट्रपति कार्यालय ने इन खबरों को अफवाह और विदेशी नैरेटिव करार दिया है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं और सामान्य रूप से सरकारी कामकाज संभाल रहे हैं। ईरानी मीडिया में भी इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि इस्तीफा स्वीकार किया गया है या राष्ट्रपति ने औपचारिक रूप से पद छोड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में सत्ता संरचना काफी जटिल है, जहां राष्ट्रपति के अलावा सुप्रीम लीडर और IRGC की भी मजबूत भूमिका होती है। ऐसे में अंदरूनी मतभेद की खबरें नई नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में ईरान में राजनीतिक तनाव, इंटरनेट प्रतिबंध, विरोध प्रदर्शन और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के कारण कई तरह की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैली हैं।
फैक्ट चेक रिपोर्ट्स में भी कहा गया है कि राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबरों को लेकर अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। कई मीडिया संस्थानों ने साफ लिखा है कि यह दावा केवल कुछ अनाम सूत्रों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति पेजेश्कियान की ओर से हाल ही में सार्वजनिक कार्यक्रमों और सरकारी बैठकों में हिस्सा लेने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे फिलहाल अपने पद पर बने हुए हैं।
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इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट और पुराने वीडियो भी वायरल किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में ईरान के सत्ता संकट और बड़े राजनीतिक बदलाव के दावे किए गए, लेकिन इनमें से कई दावों को बाद में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया पाया गया।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर यह कहना सही होगा कि ईरानी राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबर की पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला अभी दावों और खंडनों के बीच ही बना हुआ है। जब तक ईरान सरकार या राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से स्पष्ट आधिकारिक


