एसडीएम मन्नत राणा ने हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना, आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का किया आह्वान
पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला की ओर से आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता रैली और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंचकूला की एसडीएम मन्नत राणा ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
एनआईए पहुंचने पर डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व, प्रोफेसर प्रह्लाद रघु और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने मुख्यातिथि एसडीएम मन्नत राणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
आयुर्वेद स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार : मन्नत राणा
एसडीएम मन्नत राणा ने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा परंपरा के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ रखते हुए रोगों की रोकथाम और संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित करना भी है।
उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में खान-पान, दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजगता का विशेष महत्व है। ऐसे में लोगों को अपनी जीवनशैली में स्वस्थ आदतों को शामिल करना चाहिए।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य व्यक्ति को स्वस्थ रखने के साथ रोगों से मुक्त रखना भी है। एनआईए की ओर से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के बारे में जानकारी हासिल कर सकें।
माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति ने कहा कि आयुर्वेद में उपलब्ध ज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता
जागरूकता रैली के संयोजक प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने बताया कि आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रैली का उद्देश्य आमजन को आयुर्वेद के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
डीएसएस डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें जागरूकता रैली के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।
कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. मंजू सैनी, प्रोफेसर डॉ. सुमित श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुंजन वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मेघना वैद्य, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशि प्रकाश गुरव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिचा मोहन, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वैभव दत्तात्रय फरताले, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत परमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मैत्री एचएस, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा दिलीप, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वति पी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश एम, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानसी ग्रेवाल, डॉ. शीन्षा पी तथा प्रशासनिक अधिकारी सतपाल ऐसवाल मौजूद रहे।
एसडीएम ने जाना औषधीय पौधों का महत्व
जागरूकता रैली के बाद एनआईए परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आयुर्वेद से जुड़े औषधीय पौधे लगाए गए। एसडीएम मन्नत राणा ने एनआईए की पहल की सराहना की और औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी ली।
माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति ने कहा कि पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वस्थ जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे आयुर्वेद की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।
पौधारोपण कार्यक्रम के संयोजक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पमनानी ने बताया कि औषधीय पौधे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने नागरिकों से आयुर्वेद को दैनिक जीवनशैली से जोड़ने, स्वस्थ आदतें अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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