शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट और NCTE के फैसले से लाखों शिक्षकों पर असर

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    शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट और NCTE के फैसले से लाखों शिक्षकों पर असर

    नई दिल्ली। देशभर के शिक्षकों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब स्कूलों में पढ़ाने और नौकरी जारी रखने के लिए Teacher Eligibility Test यानी TET पास करना अनिवार्य माना जा रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से जुड़े निर्देशों के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर लाखों शिक्षकों और भविष्य की शिक्षक भर्तियों पर पड़ेगा।

    सुप्रीम Court ने अपने हालिया फैसले में कहा कि जिन शिक्षकों की नौकरी में अभी पांच साल से ज्यादा समय बचा है, उन्हें TET परीक्षा पास करनी होगी। यदि वे निर्धारित समय में परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उनकी सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें राहत दी गई है, लेकिन प्रमोशन के लिए उन्हें भी TET पास करना जरूरी होगा।

    क्या है TET और क्यों जरूरी है?

    Teacher Eligibility Test यानी TET एक पात्रता परीक्षा है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारें आयोजित करती हैं। केंद्रीय स्तर पर CBSE द्वारा CTET आयोजित किया जाता है, जबकि अलग-अलग राज्य अपने राज्य स्तरीय TET एग्जाम कराते हैं।

    यह परीक्षा कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की योग्यता जांचने के लिए बनाई गई है। NCTE ने 2010 में जारी दिशा-निर्देशों में TET को शिक्षक नियुक्ति के लिए अनिवार्य योग्यता बताया था।

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    इन-सर्विस शिक्षकों पर भी लागू होगा नियम

    अब तक कई राज्यों में पुराने शिक्षकों को TET से छूट मिली हुई थी, लेकिन हालिया फैसलों के बाद यह छूट सीमित होती दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी शिक्षकों का न्यूनतम योग्यता मानकों को पूरा करना जरूरी है।

    कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि TET केवल नई भर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि सेवा में बने रहने के लिए भी महत्वपूर्ण योग्यता है। शिक्षा मामलों के जानकारों के मुताबिक इससे सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।

    NCTE ने जारी किए दिशा-निर्देश

    राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE लगातार TET से जुड़े नियम और न्यूनतम योग्यता मानक जारी करती रही है। परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशानिर्देशों के अनुसार कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए अलग-अलग पात्रता मानक तय किए गए हैं।

    CTET 2026 की अधिसूचना में भी स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक भर्ती के लिए TET योग्यता आवश्यक होगी। इसके लिए उम्मीदवारों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ परीक्षा पास करनी होगी।

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    शिक्षकों और अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता

    इस फैसले के बाद कई राज्यों में कार्यरत शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ गई है। विशेषकर वे शिक्षक जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन अब तक TET पास नहीं कर पाए हैं, उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं दूसरी ओर शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनेगी।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि TET को अनिवार्य बनाने का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षण स्तर सुधारना और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है। हालांकि कई शिक्षक संगठनों ने सरकार से पुराने शिक्षकों को अतिरिक्त समय और विशेष राहत देने की मांग भी की है।

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