सोनीपत के Law University में कार्यक्रम, विद्यार्थियों से एकता और भाईचारा बढ़ाने का आह्वान
सोनीपत। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, सोनीपत में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर Swami Vivekananda के जीवन, विचारों और विश्व बंधुत्व की भावना पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. देविंदर सिंह ने की। मुख्य अतिथि प्रो. विजय शर्मा, मुख्य वक्ता प्रो. संजय भूटानी और विशिष्ट अतिथि डॉ. पूर्णमल गौड़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अमित गुलेरिया ने किया।
कुलपति प्रो. देविंदर सिंह ने कहा कि Swami Vivekananda के विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, मानवता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना भारतीय संस्कृति के मूल विचारों में निहित है और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के दौर में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. देविंदर सिंह ने सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं मुख्य अतिथि प्रो. विजय शर्मा ने Swami Vivekananda की पुस्तक भेंट कर कुलपति को सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि प्रो. विजय शर्मा ने Swami Vivekananda के प्रसिद्ध संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सोनीपत की IAS अधिकारी अनु कुमारी का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं को लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
शिकागो धर्म संसद में दिया ऐतिहासिक संदेश
कार्यक्रम में बताया गया कि 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में Swami Vivekananda ने अपने ऐतिहासिक संबोधन की शुरुआत “मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों” कहकर की थी। उनके संबोधन ने भारतीय संस्कृति की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को दुनिया के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर Swami Vivekananda के जीवन और शिकागो धर्म संसद में दिए गए संबोधन पर आधारित Video भी प्रदर्शित किया गया।
मुख्य वक्ता प्रो. संजय भूटानी ने कहा कि Swami Vivekananda ने पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश दिया। डॉ. पूर्णमल गौड़ ने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के साहित्य और विचारों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव प्रो. (डॉ.) आशुतोष मिश्रा ने कहा कि Swami Vivekananda के विचार विद्यार्थियों में Character Building, Leadership और Social Responsibility की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से एकता, सद्भाव, सहिष्णुता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।
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