हिन्दी हमारी पीढ़ियों से मिला संस्कार हैः प्रो. बिंदु शर्मा
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में हिन्दी दिवस के अवसर पर सोमवार को रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता और समूह चर्चा का आयोजन किया गया। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने हिन्दी के वर्तमान स्वरूप, भविष्य और बदलते तकनीकी परिवेश में इसकी प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम में संस्थान की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी हमारी पीढ़ियों से मिला संस्कार है और इसमें हमारी वास्तविक अभिव्यक्ति निहित है। उन्होंने कहा कि समय और तकनीकी परिवेश में बदलाव के बावजूद हिन्दी की प्रासंगिकता लगातार बनी हुई है। विद्यार्थियों को हिन्दी के समृद्ध साहित्य, भाषा की अभिव्यक्ति क्षमता और इसकी गौरवशाली परंपरा से जुड़ना चाहिए।
Group Discussion में हिन्दी के वर्तमान और भविष्य पर चर्चा
समूह चर्चा में स्नातक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के निर्देशन में हिन्दी के वर्तमान और भविष्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विद्यार्थियों ने हिन्दी के बदलते स्वरूप, नई पीढ़ी के बीच इसके प्रयोग और Digital Media में हिन्दी की बढ़ती उपस्थिति पर अपने विचार साझा किए।
Creative Writing Competition में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता
रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों को हिन्दी के भूत, वर्तमान या भविष्य में से किसी एक पक्ष पर रचनात्मक पैराग्राफ लिखने का अवसर दिया गया। प्रतिभागियों ने अपनी लेखन क्षमता और रचनात्मकता का परिचय देते हुए विभिन्न विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा सरस्वती ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि वंदना शर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
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