नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में CNG यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। मंगलवार को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया। नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों, टैक्सी और ऑटो चालकों की चिंता बढ़ा दी है।
नई कीमतों के बाद दिल्ली में CNG अब ₹83.09 प्रति किलो बिक रही है। इससे पहले इसकी कीमत ₹81.09 प्रति किलो थी। वहीं नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में CNG की कीमत ₹89.70 प्रति किलो तक पहुंच गई है। गुरुग्राम में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस महीने यानी मई 2026 में यह चौथी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कुल मिलाकर कीमतों में करीब ₹6 प्रति किलो तक का इजाफा हो चुका है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी और सप्लाई लागत बढ़ने के कारण कंपनियों ने यह फैसला लिया है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर भी आयातित गैस की लागत पर पड़ रहा है। गैस वितरण कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने के चलते कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।
CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। दिल्ली-एनसीआर में लाखों लोग रोजाना CNG वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों का कहना है कि बढ़ती कीमतों से उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है। कई ड्राइवरों ने किराया बढ़ाने की मांग भी शुरू कर दी है।
यात्रियों को भी आने वाले दिनों में महंगे सफर का सामना करना पड़ सकता है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि CNG की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो सार्वजनिक परिवहन और ऐप बेस्ड कैब सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ेगा और महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
हालांकि, पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी अपेक्षाकृत सस्ता ईंधन माना जा रहा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी CNG वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार की स्थिति और सरकार की नीतियों के आधार पर कीमतों में और बदलाव संभव है। फिलहाल आम लोगों को राहत मिलने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
लगातार चौथी बार बढ़ी CNG कीमतों ने एक बार फिर महंगाई के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब लोगों की नजर सरकार और गैस कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है।


