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NIILM University में Microbiology का महत्व समझाया, शोध के लिए प्रेरित हुए छात्र

कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की ओर से अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘द इनविजिबल वर्ल्ड, विजिबल इम्पैक्ट’ रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।...

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NIILM University में Microbiology का महत्व समझाया, शोध के लिए प्रेरित हुए छात्र

कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की ओर से अंतर्राष्ट्रीय सूक्ष्मजीव दिवस मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘द इनविजिबल वर्ल्ड, विजिबल इम्पैक्ट’ रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। मंच संचालन डॉ. नीता कौशिक ने किया, जबकि स्वागत भाषण डीन डॉ. रिचा मोर ने दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) आर.सी. कुहाड़ ने अपने संबोधन में सूक्ष्मजीवों की मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सूक्ष्मजीव दिखाई नहीं देते, लेकिन जीवन और पर्यावरण के लिए उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने अपनी कविता की पंक्तियों के माध्यम से सूक्ष्मजीवों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “न दिखे जो आँखों को, वही जीवन का आधार है, सूक्ष्म में ही छिपा हुआ, सृष्टि का सारा सार है।”

कुलपति ने बताया कि सूक्ष्मजीव मानव जीवन के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ कई चुनौतियां भी पैदा करते हैं। लैक्टोबैसिलस का उपयोग दही बनाने में, जबकि यीस्ट का उपयोग ब्रेड और इडली जैसे खाद्य पदार्थों के निर्माण में होता है। उन्होंने बताया कि पेनिसिलियम जैसे फंगस से पेनिसिलिन जैसे जीवनरक्षक एंटीबायोटिक प्राप्त होते हैं। वहीं कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक छोटा वायरस मानव समाज और उसकी गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में भी सूक्ष्मजीवों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार सूक्ष्मजीव कचरे को खाद में बदलने, पानी को शुद्ध करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी और फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के विकास में माइक्रोबायोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कुलपति ने विद्यार्थियों से केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहने और प्रयोगशालाओं में जाकर सूक्ष्मजीवों की दुनिया को समझने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे अनुसंधान के लिए प्रेरित किया, जिससे समाज के लिए सकारात्मक और उपयोगी परिणाम सामने आ सकें।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के चेयरमैन श्री संदीप चहल ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. आर.के. गुप्ता, डीन डॉ. गौतम कुमार, डीन डॉ. विनय पंवार, डॉ. वर्षा, डॉ. सोनू, डॉ. पंकज, डॉ. पॉपिन, लवली शर्मा, जसदेव, विक्रम और महक गुप्ता सहित विश्वविद्यालय का स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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