IPO GMP को लेकर निवेशकों में बढ़ा उत्साह, ग्रे मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेत

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    IPO GMP को लेकर निवेशकों में बढ़ा उत्साह, ग्रे मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेत

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में किसी भी IPO के लॉन्च होते ही सबसे ज्यादा चर्चा GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम की होती है। IPO GMP वह कीमत होती है जिस पर किसी कंपनी के शेयर अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में लिस्टिंग से पहले खरीदे और बेचे जाते हैं। आसान भाषा में समझें तो अगर किसी IPO का इश्यू प्राइस ₹100 है और ग्रे मार्केट में वह ₹130 पर ट्रेड हो रहा है, तो उसका GMP ₹30 माना जाता है। निवेशक इसे संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मानते हैं।

    2026 में SME IPOs में दिख रहा जबरदस्त क्रेज

    साल 2026 में खासकर SME IPOs को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। हाल ही में आए कई IPOs के GMP ने बाजार में चर्चा बढ़ा दी है। IPO Watch और अन्य मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक Merritronix IPO का GMP करीब ₹90 तक पहुंच गया, जिससे लगभग 60 प्रतिशत तक संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं Rajnandini Fashion IPO और CMR Green Technologies IPO को लेकर भी ग्रे मार्केट में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

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    निवेशकों के लिए क्यों अहम है GMP?

    मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि GMP निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि बाजार किसी IPO को लेकर कितना उत्साहित है। अगर किसी IPO का GMP लगातार बढ़ रहा हो, तो इसे मजबूत निवेशक मांग का संकेत माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि GMP पूरी तरह अनऑफिशियल होता है और इसका कोई नियामक नियंत्रण नहीं होता। इसलिए केवल GMP देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

    मजबूत GMP वाले IPOs पर बढ़ रही नजर

    हाल के दिनों में CMR Green Technologies IPO ने बाजार में काफी ध्यान खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी का IPO 3 जून 2026 को खुला और ग्रे मार्केट में इसके शेयर मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड होते दिखाई दिए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ग्रीन टेक्नोलॉजी और रीसाइक्लिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।

    इसके अलावा Rajnandini Fashion India IPO का GMP भी चर्चा में रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस IPO को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और ग्रे मार्केट में करीब 10 प्रतिशत तक प्रीमियम देखने को मिला।

    क्या GMP हमेशा सही साबित होता है?

    विशेषज्ञों के अनुसार GMP केवल बाजार की शुरुआती भावना को दर्शाता है, लेकिन यह लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता। कई बार हाई GMP वाले IPO कमजोर लिस्टिंग देते हैं, जबकि कम GMP वाले IPO शानदार प्रदर्शन कर जाते हैं। कंपनी के फाइनेंशियल्स, बिजनेस मॉडल, सेक्टर की स्थिति और बाजार की कुल परिस्थिति भी IPO की सफलता तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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    IPO बाजार में आगे भी रह सकती है तेजी

    2026 में भारतीय IPO बाजार काफी सक्रिय बना हुआ है। कई बड़ी कंपनियां IPO लॉन्च की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक OYO की पैरेंट कंपनी Prism को भी SEBI से IPO लाने की मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में आने वाले महीनों में IPO मार्केट और ज्यादा गर्म हो सकता है।

    निवेश से पहले क्या रखें ध्यान?

    मार्केट एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि IPO में निवेश करते समय केवल GMP पर निर्भर न रहें। कंपनी की बैलेंस शीट, कारोबार, भविष्य की संभावनाएं और जोखिमों को समझना जरूरी है। सही रिसर्च और संतुलित निवेश रणनीति ही लंबे समय में बेहतर रिटर्न दिला सकती है।

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