नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में शामिल Tata Consultancy Services यानी TCS का शेयर हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव का सामना कर रहा है। 3 जून 2026 को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान TCS के शेयर में तेज गिरावट दर्ज की गई। NSE पर कंपनी का शेयर लगभग ₹2,245 से ₹2,272 के दायरे में ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक IT सेक्टर में सुस्ती और अमेरिकी बाजार में कमजोर मांग की आशंका का असर भारतीय IT कंपनियों पर भी देखने को मिल रहा है।
2026 में अब तक 20% से ज्यादा गिरावट
रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2026 की शुरुआत से अब तक TCS के शेयर में करीब 23 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। निवेशकों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक IT सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। कई विदेशी कंपनियां अपने खर्चों में कटौती कर रही हैं, जिसका असर भारतीय IT सेक्टर के कारोबार पर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी हुई है।
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दो दिन में शेयर ने दिखाई जोरदार रिकवरी
हालांकि गिरावट के बीच TCS शेयर ने हाल के दो कारोबारी सत्रों में शानदार रिकवरी भी दिखाई। बाजार में खरीदारी बढ़ने से कंपनी के शेयर में करीब 7 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय के निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी का मौका माना। इसके अलावा AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स मिलने की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
डिविडेंड से निवेशकों को राहत
TCS अपने मजबूत फाइनेंशियल प्रदर्शन और नियमित डिविडेंड के लिए जानी जाती है। कंपनी ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹31 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि डिविडेंड देने वाली कंपनियों में निवेशकों का भरोसा ज्यादा बना रहता है। यही वजह है कि गिरावट के बावजूद TCS लंबे समय के निवेशकों की पसंद बनी हुई है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत
विशेषज्ञों के अनुसार TCS की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत बैलेंस शीट और कर्ज मुक्त स्थिति है। कंपनी के पास मजबूत कैश रिजर्व मौजूद है और उसका वैश्विक क्लाइंट नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और यूरोप में डिजिटल सेवाओं की मांग बढ़ने से कंपनी को आने वाले समय में फायदा मिल सकता है। हालांकि फिलहाल बाजार की अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक दबाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
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IT सेक्टर के भविष्य पर टिकी नजर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और AI टेक्नोलॉजी का असर भारतीय IT कंपनियों पर साफ दिखाई देगा। TCS समेत पूरे IT सेक्टर की दिशा अब वैश्विक मांग और नई टेक्नोलॉजी अपनाने की रफ्तार पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अब कंपनी के अगले तिमाही नतीजों और बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स पर बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में TCS शेयर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की मजबूत स्थिति निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकती है। IT सेक्टर में AI और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग आने वाले समय में TCS के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।


