पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), पंचकूला की ओर से कायचिकित्सा विभाग द्वारा क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 100 मरीजों ने निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का शुभारंभ डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने दीप प्रज्वलन और रिबन काटकर किया।
यह शिविर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य किडनी से संबंधित रोगों की समय पर पहचान करने के साथ लोगों को किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
समय पर CKD की पहचान और इलाज जरूरी
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसकी समय रहते पहचान और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य संबंधित विकारों से प्रभावित लोगों को विशेष रूप से समय-समय पर किडनी की जांच करवानी चाहिए।
उन्होंने खान-पान में संतुलन, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
आयुर्वेद में रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
कायचिकित्सा विभाग की प्रोफेसर मंजू सैनी ने कहा कि आयुर्वेद में रोगों की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और व्यक्ति की प्रकृति के अनुरूप स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किडनी के स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने कहा कि एनआईए का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना है। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को जांच, चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
शिविर के दौरान चिकित्सकों ने CKD के जोखिम कारकों की पहचान और समय रहते जांच कराने के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया।
ये चिकित्सक और प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. सुमित श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वैभव डीपी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मैत्री एचएस, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुराग कुशल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकित नेगी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानसी ग्रेवाल और एमिल फार्मास्यूटिकल के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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