रेवाड़ी। रेवाड़ी-जैसलमेर नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक और स्कॉर्पियो की आमने-सामने की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची तथा गैस कटर की मदद से गाड़ी को काटकर शवों को बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार मृतक दंपती अपने बेटे के साथ राजस्थान के सीकर जिले से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रेवाड़ी-जैसलमेर नेशनल हाईवे पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन वाहन की हालत इतनी खराब थी कि शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद गैस कटर बुलाकर स्कॉर्पियो को काटा गया और करीब एक घंटे की मेहनत के बाद शवों को बाहर निकाला जा सका।
Read More: भारत बढ़ा रहा अपनी ताकत, लड़ाकू विमानों के बड़े सौदों और नई तकनीक पर फोकस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे में पति-पत्नी और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक काफी तेज गति में था और चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
इस हादसे के बाद हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात को सुचारु कराया। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
Read More: बकरीद 2026: 28 मई को मनाई जा सकती है ईद-उल-अजहा, तैयारियां तेज


