| 🌡️ दिल्ली 38°C
Trending News
ads1 - 1159*130
phone ads - 300*250
Hindi News / Breaking News

5, 12 और 19 सितंबर को 6 माह से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए लगेग निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर

पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला ने बच्चों के स्वास्थ्य की स्वर्णिम पहल शुरू की है। एनआईए की ओर से 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में सितंबर माह में तीन स्वर्णप्राशन शिविर लगाए जाएंगे।संस्थान के...

ads1 - 303*387
5, 12 और 19 सितंबर को 6 माह से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए लगेग निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर

पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला ने बच्चों के स्वास्थ्य की स्वर्णिम पहल शुरू की है। एनआईए की ओर से 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में सितंबर माह में तीन स्वर्णप्राशन शिविर लगाए जाएंगे।
संस्थान के कुलपति प्रोफेसर डॉ. संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में कौमारभृत्य विभाग की ओर से बाल स्वास्थ्य पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने की पहल की गई है।
कौमारभृत्य विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा दिलीप ने बताया कि एनआईए में 5 सितंबर, 12 सितंबर और 19 सितंबर शनिवार को निशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का आयोजन आर्य वैद्यशाला कोट्टक्कल के सहयोग किया जाएगा।
संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में सप्ताह के हर शनिवार को स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 6 माह से 16 वर्ष तक की आयु के बच्चों को निःशुल्क स्वर्णप्राशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन प्रत्येक माह आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथियों के बारे में अभिभावकों को अवगत कराया जाएगा ।

स्वर्णप्राशन आयुर्वेद में वर्णित पारंपरिक बाल स्वास्थ्य पद्धति : अपर्णा दिलीप
कौमारभृत्य विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा दिलीप ने बताया कि स्वर्णप्राशन आयुर्वेद में वर्णित पारंपरिक बाल स्वास्थ्य पद्धति है, जिसका उद्देश्य बच्चों की स्वस्थ वृद्धि, विकास एवं समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। शिविर में अभिभावकों को बाल स्वास्थ्य एवं निवारक देखभाल में आयुर्वेद की भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। स्वर्णप्राशन को बच्चों के बल, बुद्धि, पाचन, शारीरिक विकास और रोगों से बचाव से जुड़े स्वास्थ्य दृष्टिकोण के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है। स्वर्णप्राशन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से स्वर्णप्राशन के सेवन से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, शक्ति, भूख और स्वास्थ्य में सुधार होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

संबंधित खबरें