चंडीगढ़। चंडीगढ़, दिल्ली और हरियाणा में लगातार मिल रही बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। गुरुवार को चंडीगढ़ के कई नामी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। धमकी मिलने वाले स्कूलों में Chitkara International School और Delhi Public School (DPS) जैसे बड़े संस्थानों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस, बम स्क्वॉड और साइबर टीमें तुरंत एक्टिव हो गईं।
धमकी भरे ईमेल सामने आते ही स्कूल प्रशासन ने एहतियातन छात्रों और स्टाफ को बाहर निकालना शुरू कर दिया। कई स्कूलों में क्लासेस बीच में ही रोक दी गईं और बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ सुरक्षित घर भेजा गया। स्कूल परिसरों में डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों ने घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिखा।
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मामला सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहा। धमकी भरे मेल में चंडीगढ़ स्थित Punjab and Haryana Secretariat, हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय और कई वीआईपी लोकेशनों का भी जिक्र किया गया। इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय और आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। सचिवालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और आने-जाने वालों की सख्ती से जांच की गई।
सूत्रों के मुताबिक, ईमेल में बड़े धमाकों की चेतावनी दी गई थी, जिसके कारण प्रशासन तुरंत हाई अलर्ट मोड पर आ गया। चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है। साइबर सेल अब धमकी भेजने वाले ईमेल की लोकेशन और IP एड्रेस ट्रेस करने में जुटी हुई है।
इससे पहले हरियाणा के अंबाला में भी कई स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं। अंबाला कैंट और अंबाला सिटी के कुछ निजी स्कूलों में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। वहां भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों ने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली में भी पिछले कुछ महीनों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी इमारतों को धमकी भरे मेल मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसियां अब इन सभी घटनाओं को आपस में जोड़कर देख रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई संगठित साइबर नेटवर्क या शरारती गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो अलग-अलग राज्यों में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


