फिर बढ़े Petrol-Diesel के Price, इस बार 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी

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    पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ोतरी को दर्शाती सांकेतिक तस्वीर
    पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी से आम जनता पर बढ़ा महंगाई का बोझ।स्रोत- एआई

    नई दिल्ली: आम लोगों को महंगाई के मोर्चे पर एक और बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें मंगलवार सुबह से लागू हो गई हैं। लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों से आम आदमी की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

    तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार में ईंधन की लागत बढ़ा दी है। वैश्विक स्तर पर कई देशों के बीच चल रहे तनाव और सप्लाई संबंधी चिंताओं के कारण क्रूड ऑयल महंगा बना हुआ है।

    महानगरों में बढ़ी कीमतें

    नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता सहित कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। अलग-अलग राज्यों में वैट और स्थानीय टैक्स के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। वाहन चालकों को अब हर लीटर ईंधन के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा। यदि आप भी पैट्रोल-डीजल का कितना रेट बढ़ा है, जानना चाहते हैं तोयहांक्लिक करे।

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    आम जनता पर बढ़ेगा बोझ

    पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वाले लोगों का मासिक खर्च बढ़ेगा, वहीं सार्वजनिक परिवहन का किराया भी बढ़ सकता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की आशंका है।

    महंगाई पर पड़ सकता है असर

    आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि से महंगाई दर पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिसका असर बाजार में बिकने वाले लगभग हर उत्पाद पर दिखाई देता है। खासकर फल, सब्जियां, दूध और दैनिक जरूरत के सामान महंगे हो सकते हैं।

    ट्रांसपोर्ट सेक्टर की बढ़ी चिंता

    ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों ने भी इस बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते डीजल के दाम से संचालन लागत बढ़ रही है। यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में माल भाड़ा बढ़ाना पड़ सकता है, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

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    विपक्ष ने सरकार को घेरा

    ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि बढ़ती महंगाई से आम आदमी परेशान है और सरकार को टैक्स में कटौती कर राहत देनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    आगे क्या हो सकता है?

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर ईंधन कीमतों की दिशा तय होगी। यदि कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती तो पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल आम जनता को महंगाई के इस नए झटके का सामना करना पड़ रहा है।

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