चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज पूर्व छात्र संघ (PECOSA) के चुनाव 2026 के परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिए गए। चुनाव में हरप्रीत सिंह ओबेरॉय (1993 बैच) ने 1,106 वोट हासिल कर 67.7 प्रतिशत मतों के साथ अध्यक्ष पद पर निर्णायक जीत दर्ज की। इसके साथ ही पूर्व छात्र संघ के लिए नई पदाधिकारी और कार्यकारी समिति का गठन हुआ है।
नवनिर्वाचित टीम में अलग-अलग पीढ़ियों के पूर्व छात्रों को प्रतिनिधित्व मिला है। निर्वाचित सदस्यों के बैच वर्ष 1972 से 2018 तक हैं। इससे पीईसी के पूर्व छात्र समुदाय में विभिन्न पीढ़ियों की भागीदारी और संस्थान से जुड़े रहने की भावना का पता चलता है।
हरप्रीत सिंह ओबेरॉय को मिला स्पष्ट जनादेश
अध्यक्ष पद के लिए हरप्रीत सिंह ओबेरॉय को 1,106 वोट यानी 67.7 प्रतिशत मत मिले। उन्होंने मजबूत जनादेश के साथ PECOSA की कमान संभाली है।
नई टीम के सामने पीईसी और उसके पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा पूर्व छात्र समुदाय में सहभागिता और सहयोग बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
PECOSA के नए पदाधिकारी
चुनाव में निर्वाचित पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
पद नाम बैच वोट
अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ओबेरॉय 1993 1,106 (67.7%)
उपाध्यक्ष संजीव मौदगिल 1985 1,006 (62.5%)
महासचिव जोरावर सिंह 1990 939 (57.7%)
कोषाध्यक्ष| अश्वनी कुंडल 2009 1,015 (63.8%)
संयुक्त सचिव| संदीप गुप्ता 1988 1,036 (65.8%)
11 सदस्यीय कार्यकारी समिति का भी गठन
PECOSA की 11 सदस्यीय कार्यकारी समिति में मृदुला ग्रोवर डांग, जसविंदर सिंह गरचा, राजीव गुप्ता, अक्षय राज अग्रवाल, प्रभदीप सिंह संधू, विनोद कुमार जैन, संजीव जैन, हरभजन सिंह मुंडे, अशोक कुमार शर्मा, विवेक महाजन और आयुष गोयल को शामिल किया गया है।
अलग-अलग पीढ़ियों को मिला प्रतिनिधित्व
चुनाव परिणामों में पीईसी के पूर्व छात्रों की कई पीढ़ियों की सक्रिय भागीदारी सामने आई है। निर्वाचित प्रतिनिधि 1972 से 2018 तक के बैचों से संबंधित हैं।
नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ पूर्व छात्रों के अनुभव के साथ युवा पूर्व छात्रों के विचार और ऊर्जा को भी जगह मिली है। इससे संगठन में पीढ़ियों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की उम्मीद है।
PECOSA ने निर्वाचित सदस्यों को दी बधाई
PECOSA ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारी सदस्यों को बधाई दी है। साथ ही चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी उम्मीदवारों और सदस्यों के प्रति आभार जताया है।
नए नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है कि वह पीईसी और पूर्व छात्र समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत करने, अधिक भागीदारी बढ़ाने तथा पूर्व छात्रों के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।
नवनिर्वाचित टीम के सामने संस्था के पूर्व छात्रों को एक मजबूत मंच पर जोड़ने और पीईसीओएसए की गतिविधियों को नई दिशा देने की चुनौती होगी। चुनाव को पूर्व छात्र समुदाय की लोकतांत्रिक भागीदारी और संगठन को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
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