कुरुक्षेत्र।जन्माष्टमी का पर्व आते ही पूरा देश श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंग गया है। मंदिरों से लेकर गलियों तक, हर जगह भगवान के अवतरण दिवस की उल्लासभरी गूंज सुनाई दे रही है। अंतर्राष्ट्रीय संस्था इस्कॉन अपने विश्वभर के सभी मंदिरों में इस उत्सव को भव्यता से मना रही है।
कुरुक्षेत्र के पेहवा रोड स्थित इस्कॉन श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां अपने चरम पर हैं। पूरे मंदिर परिसर को हजारों रंगीन रोशनियों और सुगंधित फूलों से सजाया गया है। पूर्वसंध्या के नजारे में मंदिर का मनोहारी दृश्य देखने के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर है, और इसे कैमरे में कैद करने के लिए फोटोग्राफरों की भी भीड़ लगी है।
भक्ति, कथा और मध्यरात्रि महाअभिषेक
उत्सव की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के कीर्तन से होगी, जिसमें मृदंग, करताल और हार्मोनियम की मधुर ध्वनि गूंजेगी। इसके बाद जन्मोत्सव कथा का श्रवण होगा, जो भक्तों को भगवान की दिव्य लीलाओं में डुबो देगा।
रात लगभग 9 बजे से 108 कलशों द्वारा पंचगव्य महाअभिषेक आरंभ होगा, जो मध्यरात्रि 12 बजे तक चलेगा। इस पावन समय पर भक्तजन भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य क्षण का आनंद लेते हुए कीर्तन, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाएंगे।
लगभग 30,000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना है, और इस अवसर पर विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है ताकि हर भक्त प्रसाद का आनंद ले सके।
भागवत कथा और 56 भोग
जन्माष्टमी महोत्सव के साथ ही मंदिर में 29 अगस्त से चल रही 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन भी आज होगा। कथा में प्रतिदिन भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए और सभी श्रोताओं को भंडारा प्रसाद वितरित किया गया।
भक्तों के लिए यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को आत्मसात करने और जीवन में उतारने का अवसर है।
युवाओं के लिए विशेष आकर्षण
इस बार जन्माष्टमी महोत्सव में युवाओं के लिए भी विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं। विशाल LED स्क्रीन पर भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत लीलाओं का मनमोहक वर्णन किया जाएगा, जो युवा मनों को भक्ति और प्रेरणा से भर देगा। साथ ही, एक विशेष कृष्ण ज्ञान क्विज़ का आयोजन होगा, जिसमें चयनित युवाओं को इस्कॉन द्वारा संचालित गीता कोर्स करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
मुख्य आकर्षण की झलकियां
108 कलशों से भव्य महाभिषेक – भक्त स्वयं इस अभिषेक में भाग ले सकेंगे और श्रीकृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएँगे — यह अनुभव भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देगा।
छप्पन भोग का भव्य आयोजन – भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित 56 प्रकार के व्यंजन – जैसे माखन-मिश्री, खीर, लड्डू, दाल-बाती, पूड़ी-सब्ज़ी, फल-मिठाइयाँ आदि – भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक तैयार किए जाएँगे और भोग अर्पित कर भक्तों में वितरित भी होंगे।
हजारों दीपों से महाआरती – पूरे परिसर में दीपमालिका सजाई जाएगी, जिससे भक्तगण सामूहिक आरती में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।
युवा रॉक बैंड कीर्तन और नृत्य – युवाओं द्वारा आधुनिक एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संग हरिनाम संकीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें सभी भक्तगण झूम उठेंगे।
भक्ति व मनोरंजन स्टॉल्स – बच्चों के लिए खेल, महिलाओं के लिए भक्ति सामग्री, पुस्तकें, प्रसाद और अन्य रचनात्मक स्टॉल्स लगाए जाएँगे।
झूलन और आध्यात्मिक प्रदर्शनी – फूलों से सजा झूला, राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी और पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित भक्त झूलन उत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे। साथ ही आध्यात्मिक पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें श्रीमद्भगवद्गीता, भागवत महापुराण और अन्य वैदिक साहित्य उपलब्ध रहेगा।

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