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बच्चों के लिए बड़ी पहल: एनआईए पंचकूला में निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर, 12 और 19 सितंबर को भी मौका

पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन किया गया। 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों को स्वर्णप्राशन दवा पिलाई गई। इस दौरान...

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<span class="title-highlight-color">बच्चों के लिए बड़ी पहल:</span> एनआईए पंचकूला में निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर, 12 और 19 सितंबर को भी मौका

पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर का आयोजन किया गया। 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों को स्वर्णप्राशन दवा पिलाई गई। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों के स्वस्थ बचपन, वृद्धि और समग्र विकास के लिए आयुर्वेद आधारित बाल स्वास्थ्य पद्धतियों के प्रति जागरूक किया गया।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस पहल का संचालन एनआईए के कुलपति प्रोफेसर डॉ. संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में कौमारभृत्य विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य एवं समग्र विकास को बढ़ावा देने के साथ अभिभावकों को आयुर्वेद में बाल स्वास्थ्य और निवारक स्वास्थ्य देखभाल की भूमिका से अवगत कराना है।
12 और 19 सितंबर को भी लगेगा शिविर
एनआईए की कौमारभृत्य विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा दिलीप ने बताया कि सितंबर माह में 12 और 19 सितंबर को भी स्वर्णप्राशन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में 6 माह से 16 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क स्वर्णप्राशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर का आयोजन आर्य वैद्यशाला कोट्टक्कल के सहयोग से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आयुर्वेद आधारित निवारक स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जानकारी दी जा रही है।
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर दिया जोर
डॉ. अपर्णा दिलीप ने बताया कि आयुर्वेद में स्वर्णप्राशन को बच्चों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। नियमित स्वर्णप्राशन के सेवन से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, शक्ति, भूख और स्वास्थ्य में सुधार होने का दावा किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों की स्वस्थ वृद्धि, विकास और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
शिविर का आयोजन एनआईए के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व एवं डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग के निर्देशानुसार किया गया। इस दौरान डॉ. अपर्णा दिलीप ने अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।

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