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क्रिकेट के बाद शतरंज की बिसात पर उतरे वेंकटेश अय्यर, सिंदारोव के साथ हुआ अनोखा मुकाबला

आरसीबी बार एंड कैफे में ‘चेस एंड चिल’ कार्यक्रम में क्रिकेट और शतरंज का हुआ अनोखा संगम बेंगलुरु। बेंगलुरु की जीवंत खेल संस्कृति रविवार, 6 सितंबर को उस समय देखने को मिली, जब आरसीबी के...

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क्रिकेट के बाद शतरंज की बिसात पर उतरे वेंकटेश अय्यर, सिंदारोव के साथ हुआ अनोखा मुकाबला

आरसीबी बार एंड कैफे में ‘चेस एंड चिल’ कार्यक्रम में क्रिकेट और शतरंज का हुआ अनोखा संगम

बेंगलुरु। बेंगलुरु की जीवंत खेल संस्कृति रविवार, 6 सितंबर को उस समय देखने को मिली, जब आरसीबी के प्रमुख खिलाड़ी वेंकटेश अय्यर ने आरसीबी बार एंड कैफे में आयोजित विशेष ‘चेस एंड चिल’ कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में क्रिकेट और शतरंज का अनोखा संगम देखने को मिला। इस दौरान अय्यर ने एफवाईईआरएस अमेरिकन गैम्बिट्स के उज़्बेक ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव के साथ शतरंज की बाजी भी आजमाई।
वेंकटेश अय्यर ने बेंगलुरु की खेल संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने देश के कई शहरों का दौरा किया है, लेकिन बेंगलुरु में खेलों के प्रति लोगों का जुनून अलग स्तर का है। यहां क्रिकेट के अलावा फुटबॉल, एथलेटिक्स, शतरंज, पिकलबॉल और पैडल जैसे खेलों को भी लोग पूरे उत्साह के साथ खेलते और समर्थन करते हैं।
सिंदारोव से शतरंज की बारीकियां सीखीं
‘चेस एंड चिल’ कार्यक्रम के दौरान वेंकटेश अय्यर ने विश्व स्तरीय शतरंज खिलाड़ी जावोखिर सिंदारोव के साथ मुकाबला किया। इस दौरान उन्होंने शतरंज में उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी तैयारी, रणनीति और मानसिक मजबूती को करीब से समझा।
अय्यर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे विश्व के चौथे नंबर के शतरंज खिलाड़ी के साथ खेलने का अवसर मिला। मैं बिना हारे पांच मिनट तक टिकने में कामयाब रहा।”
उन्होंने शतरंज को लेकर अपने अनुभव को बेहद प्रेरणादायक बताया। अय्यर के अनुसार, पहली नजर में शतरंज आसान खेल लग सकता है, लेकिन इसके पीछे घंटों की मेहनत, तैयारी और मानसिक अभ्यास होता है।
शतरंज सिखाता है धैर्य और आगे की सोच
वेंकटेश अय्यर ने कहा कि शतरंज खिलाड़ियों को धैर्य, दृढ़ता और आगे की सोच विकसित करना सिखाता है। उनके मुताबिक खेल के दौरान हर कदम के बारे में पहले से सोचना पड़ता है और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलनी होती है।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय खिलाड़ी के साथ शतरंज की बिसात साझा करना उनके लिए खास अनुभव रहा और इससे उन्हें समझ आया कि यह किसी भी तरह आसान खेल नहीं है।
अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों को जोड़ने की पहल
‘चेस एंड चिल’ कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशंसकों को एक मंच पर लाना भी रहा। इस दौरान प्रशंसकों को शतरंज, भोजन और मनोरंजन के साथ अमेरिकन गैम्बिट्स की टीम के खिलाड़ियों से बातचीत का अवसर मिला।
वेंकटेश अय्यर ने कहा कि आरसीबी बार एंड कैफे की यह पहल खिलाड़ियों को यह महसूस कराती है कि खेल समुदाय किसी एक खेल तक सीमित नहीं है। क्रिकेट हो या शतरंज, फुटबॉल हो या कोई अन्य खेल—हर खिलाड़ी एक बड़े खेल समुदाय का हिस्सा है।
निहाल सरीन समेत कई शतरंज खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
जावोखिर सिंदारोव के साथ उनके साथी खिलाड़ी और आरसीबी के प्रशंसक निहाल सरीन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। निहाल सरीन ने वेंकटेश अय्यर के साथ आरसीबी के हालिया शानदार सत्र को लेकर बातचीत की।
अमेरिकन गैम्बिट्स के अन्य खिलाड़ी बिबिसारा अस्साउबायेवा, सारा खादेम, डेनियल डुबोव और मार्क मौरिजी तथा टीम के कोच ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ नारायणन ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
‘बेंगलुरु अब आरसीबी सेंटर के रूप में पहचाना जाता है’
वेंकटेश अय्यर ने आरसीबी और बेंगलुरु के बीच खास रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अब बेंगलुरु की पहचान आरसीबी से भी जुड़ गई है और यहां के प्रशंसकों को लगता है कि यह केवल कोई फ्रेंचाइजी नहीं, बल्कि कर्नाटक की अपनी टीम है।
अय्यर के अनुसार, आरसीबी और बेंगलुरु के बीच यह जुड़ाव टीम और प्रशंसकों के रिश्ते को और खास बनाता है।
‘चेस एंड चिल’ कार्यक्रम ने बेंगलुरु में क्रिकेट से आगे बढ़कर विभिन्न खेलों के प्रति बढ़ते जुनून को सामने रखा। कार्यक्रम में खिलाड़ियों और प्रशंसकों का यह मेल शहर की बहुआयामी खेल संस्कृति की एक खास झलक रहा।

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