महंत विश्वनाथ गिरी ने कहा कि संगमेश्वर महादेव मंदिर का संचालन कर रहा श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी प्राचीन संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ मानव सेवा की परंपरा को भी आगे बढ़ा रहा है। अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी के प्रयास से आज यह संस्था देश-विदेश में अपनी भव्यता के रूप में पहचान बन चुकी है। ये सब भगवान शिव की कृपा है।
शोभायात्रा में श्रीमहंत बंसी पुरी, महंत विश्वनाथ गिरी और महंत भीम पुरी सहित संत महात्माओं ने अगुवाई की। सनातन संस्कृति से जुड़ी झांकियां, बाबा श्रवणनाथ स्कूल के बच्चों का भांगड़ा, शिव गणों के रूप में सजे कलाकार और बैंड पर झूमते श्रद्धालु सभी के आकर्षण का केंद्र रहे।
मंदिर सेवादल के प्रबंधक भूषण गौतम ने बताया कि 27 अगस्त को श्रावण समाप्ति का भंडारा मंदिर में होगा। उन्होंने बताया कि पूरा मास मंदिर परिसर में पार्थेश्वर शिवलिंग पूजन हुआ। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा संगमेश्वर मंदिर से शुरू मेन बाजार से होती हुई संपन्न हुई।
इस दौरान रास्ते में जगह-जगह लोगों द्वारा संत महात्माओं और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर महंत धीरज पुरी, महंत भीम पुरी, महंत लक्ष्मी नारायण पुरी, सेवादल प्रबंधक भूषण गौतम, जनकराज सिंगला, वीरभान गुप्ता, सुरेंद्र गर्ग नवदुर्गा, श्याम लाल शर्मा अरूणाय, विकल चौबे सरपंच धनीरामपुरा, सेवादल प्रधान लाभ कश्यप, रमणीक सिंगला, अंशुल बंसल, पंडित सतीश शास्त्री, शंभू दत्त गौतम, यज्ञदत्त शर्मा, पंडित कमलकांत गौतम व वंश गौतम सहित सैंकड़ों श्रद्धालु और बाबा श्रवणनाथ स्कूल का स्टाफ एवं बच्चे उपस्थित रहे ।
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