GDP के नए आधार वर्ष और रुपये की कमजोरी से वैश्विक रैंकिंग में गिरावट, 2026-27 में भारत का आकार 4.15 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान
नई दिल्ली | वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाली संस्था International Monetary Fund (IMF) की ताजा रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और United Kingdom ने उसे पीछे छोड़ते हुए पांचवां स्थान हासिल कर लिया है।
IMF के अप्रैल 2026 ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 4.15 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि UK का GDP 4.26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसी अंतर के चलते भारत की रैंकिंग एक स्थान नीचे खिसक गई है।
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गिरावट के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की रैंकिंग में आई इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो कारण जिम्मेदार हैं GDP के आधार वर्ष (Base Year) में बदलाव और रुपये का कमजोर होना।
हाल ही में जारी नए GDP सीरीज के तहत भारत के नाममात्र GDP (Nominal GDP) के आंकड़ों में संशोधन किया गया है। पुराने आंकड़ों के अनुसार देश का GDP करीब 357 लाख करोड़ रुपये था, जिसे नए सीरीज में घटाकर 345.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी लगभग 4% की कमी दर्ज की गई है।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रुपये में डॉलर के मुकाबले लगभग 11% की गिरावट आई है। इसका सीधा असर डॉलर में GDP के मूल्य पर पड़ा, जिससे भारत की वैश्विक रैंकिंग प्रभावित हुई।
पहले पांचवें स्थान पर था भारत
भारत ने वर्ष 2022-23 में United Kingdom को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल किया था। उस समय उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत जल्द ही चौथे स्थान पर पहुंच सकता है।
हालांकि, नए आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते फिलहाल यह लक्ष्य कुछ समय के लिए टलता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं है। IDFC First Bank की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता के अनुसार, “नए आधार वर्ष के कारण GDP के आंकड़ों में करीब 4% की कमी आई है। साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी डॉलर में अर्थव्यवस्था के आकार को घटाया है, जिससे रैंकिंग प्रभावित हुई है।”
वहीं, भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने पहले कहा था कि मौजूदा रुझानों के आधार पर भारत 2026-27 तक 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लेगा, हालांकि वैश्विक रैंकिंग कई बाहरी कारकों पर निर्भर करेगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति
IMF के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अभी भी United States है, जिसका GDP करीब 32.3 ट्रिलियन डॉलर है। इसके बाद China (20.85 ट्रिलियन डॉलर) और Germany (5.45 ट्रिलियन डॉलर) का स्थान है।
चौथे स्थान पर Japan (4.38 ट्रिलियन डॉलर) बना हुआ है, जबकि UK पांचवें और भारत छठे स्थान पर है।
आगे की राह
हालांकि रैंकिंग में गिरावट आई है, लेकिन भारत की आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। घरेलू मांग, बुनियादी ढांचे में निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र आने वाले समय में भारत की ग्रोथ को गति दे सकते हैं।
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IMF की ताजा रिपोर्ट भारत के लिए एक संकेत जरूर है, लेकिन यह कोई स्थायी झटका नहीं माना जा रहा। GDP के आंकड़ों में तकनीकी बदलाव और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण यह गिरावट आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत अपनी मौजूदा विकास दर बनाए रखता है, तो वह जल्द ही फिर से दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना सकता है।

