नई दिल्ली। देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में नई बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके बाद कई शहरों में ईंधन की कीमतें फिर ऊपर पहुंच गई हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से आम आदमी के बजट पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेल विपणन कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। इसी के चलते पेट्रोल और डीजल के रेट में संशोधन किया गया है। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं।
देश के बड़े शहरों में नए रेट
नई कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल करीब 90 पैसे महंगा होकर लगभग 100.72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 89 पैसे बढ़कर करीब 92.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
Read More: Donald Trump की बेटी Ivanka Trump को जान से मारने की धमकी, अमेरिका में हड़कंप
मुंबई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग 106.85 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 94.40 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है।
कोलकाता में पेट्रोल करीब 101.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.02 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल लगभग 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
अलग-अलग राज्यों में वैट और स्थानीय टैक्स अलग होने के कारण कीमतों में भी अंतर देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में पहले से ही पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार चल रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बने तनाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है। हाल के दिनों में मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति ने तेल बाजार को प्रभावित किया है। इसके अलावा ओपेक देशों की उत्पादन नीति और वैश्विक मांग में बदलाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी तेल आयात को महंगा बना रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी सी हलचल का असर सीधे घरेलू कीमतों पर दिखाई देता है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे खाने-पीने की चीजों, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी महंगा हो सकता है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
विपक्षी दलों ने भी ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कई नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता पहले ही परेशान है और अब पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम लोगों की मुश्किलें और बढ़ाएंगे। वहीं सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है।
Read More: गुरुग्राम में NH-48 पर आग का गोला बनी कार, हाईवे पर मची अफरा-तफरी
आर्थिक जानकारों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आम लोगों की नजर अब सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
नई दरों के अनुसार New Delhi में पेट्रोल की कीमत करीब 100.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.31 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं Mumbai में पेट्रोल लगभग 106.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल का दाम 94.40 रुपये प्रति लीटर हो गया है। Chennai में पेट्रोल की कीमत करीब 102.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। इसके अलावा Chandigarh में पेट्रोल लगभग 96.20 रुपये प्रति लीटर और डीजल 84.26 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और टैक्स संरचना के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।


