सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व का महत्व समझाते हुए कहा कि राखी केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, जिम्मेदारी और आपसी विश्वास की भावना को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में रहकर दिन-रात राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं और अपने परिवारों से दूर रहकर देश के प्रति अपना दायित्व निभाते हैं।
प्रधानाचार्य ने कहा कि सैनिकों के लिए विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई प्रत्येक राखी में स्नेह, सम्मान और देशभक्ति की भावना जुड़ी है। बच्चों की यह छोटी-सी पहल देश के वीर जवानों के प्रति बड़े सम्मान का प्रतीक है।
रंग-बिरंगी राखियों में दिखी देशभक्ति
कक्षा तीसरी से सातवीं तक के विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, रिबन, कागज और अन्य सजावटी सामग्री का प्रयोग कर आकर्षक राखियां तैयार कीं। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति के माध्यम से राखियों को अलग-अलग रूप प्रदान किया। कई राखियों पर “जय हिंद”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “हमारे वीर जवानों को सलाम” जैसे देशभक्ति संदेश भी लिखे गए।
इसके साथ ही विद्यालय में देशभक्ति पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से भारतीय सैनिकों के साहस, त्याग और राष्ट्र सेवा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
शिक्षकों ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
विद्यालय के कला शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें राखी और पोस्टर निर्माण में नए एवं रचनात्मक विचारों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को उनकी सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता, कृतज्ञता और भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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